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– राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ रिकॉर्ड 1,26,992 मुकदमों का निस्तारण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सुभाष गंज निवासी संजय अग्रवाल और ओम शांति नगर निवासी एसके गुप्ता के बीच पैसाें के लेनदेन को लेकर पिछले नौ सालों से वाद चल रहा था। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में यह विवाद नौ मिनट से भी कम समय में समझौते के आधार पर निस्तारित हो गया। इसी तरह से लोक अदालत में रिकॉर्ड 1,26,992 मुकदमों का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पदम नारायण मिश्र ने किया। इसके बाद मुकदमों के निस्तारण की कार्यवाही शुरू हुई। जनपद न्यायाधीश ने दो मुकदमों का निस्तारण किया। जबकि, कॉमर्शियल कोर्ट के पीठासीन अधिकारी ललित कुमार झा ने 10 वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में 76,14,427 रुपये दिलाए।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी पवन प्रताप सिंह ने 39 वादों निस्तारण कर 1,90,71,000 रुपये प्रतिकर दिलाया। इसके अलावा अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी वैवाहिक, सिविल, शमनीय आपराधिक, राजस्व, आपराधिक, विद्युत उपभोक्ता, श्रम विवाद, जनहित गारंटी अधिनियम, बैंक ऋण, मोबाइल बिल समेत अन्य वादों का निस्तारण किया।
अंत में अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शरण कुमार चौधरी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
सात जिलों के वाद निपटते हैं काॅमर्शियल कोर्ट में
झांसी। पुरानी तहसील में स्थित काॅमर्शियल कोर्ट में झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा व हमीरपुर जिलों के मुकदमों का निस्तारण किया जाता है। पीठासीन अधिकारी ललित नारायण झा ने बताया कि कोर्ट में निजी व शासकीय बैंकों, आर्बिट्रेशन, पेटेंट, ट्रेडमार्क आदि से संबंधित मामले निस्तारित किए जाते हैं। राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह-समझौते के आधार पर 10 वादों का निस्तारण किया गया। ब्यूरो
