उरई। आजादी के बाद से अब तक उरई से दिल्ली तक सीधी ट्रेन सेवा न होने के कारण इस क्षेत्र की हजारों लोग परेशान हो रहे है। यह मांग लंबे समय से लंबित है। कई संगठन समय समय पर इसके लिए ज्ञापन दे चुके हैं और आंदोलन की चेतावनी दे चुके है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री डॉ. दिलीप सेठ के नेतृत्व में उरई से सीधी दिल्ली के लिए ट्रेन चलाने के हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
रेल हस्ताक्षर अभियान के कार्यक्रम संयोजक भरत कुरेले ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे मोबाइल या क्यूआर कोड एवं लिंक के माध्यम से अधिक से अधिक हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन करें। वहीं दूसरी ओर इस आंदोलन से जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जा रहा है। व्यापार मंडल के पदाधिकारी सांसद नारायणदास अहिरवार, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी को ज्ञापन दे चुके हैं। शनिवार को व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी और भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित को भी इस आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने विधायक और जिलाध्यक्ष से मुलाकात की और ज्ञापन देकर आंदोलन को समर्थन मांगा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अरुण त्रिपाठी, हरिओम बाजपेई, दीपक त्रिपाठी, शिवम प्रजापति, गौरव हुंका, नवाज खान, गौरव द्विवेदी, अनमोल मित्तल ने उनसे आंदोलन में समर्थन मांगा। व्यापारी अपने ज्ञापन में रेल प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उरई से दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन शुरू की जाए, जिससे व्यापारियों और यात्रियों को लंबी यात्रा में आसानी हो और समय की बचत हो सके। व्यापार मंडल ने लोगों से अपील की कि वह कैंप लगाकर और डिजिटल माध्यमों से अभियान को और अधिक मजबूती दें।
डीआरएम ने दिल्ली जाने वाले यात्रियों का ब्योरा मांगा
उरई। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता ने भी व्यापारियों के साथ मिलकर पिछले दिनों उरई स्टेशन के निरीक्षण पर आए झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार को ज्ञापन सौंपा था। इसमें दिल्ली तक रेल सेवा न होने के कारण हो रही परेशानियों को उठाया था। साथ ही जिले से संचालित होने वाली निजी बसों की मनमानी की शिकायत की थीं। बताया था कि त्योहार पर भीड़ बढ़ जाने के कारण निजी बस संचालक मनमाना किराया बढ़ा देते हैं। इस पर डीआरएम ने सीसीआई सत्येंद्र बंसल को निर्देश दिए कि वह जिले से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या, कितने यात्री रोडवेज बस से जाते है और कितने निजी बसों से जाते हैं और ऐसे कितने यात्री है, जो झांसी या कानपुर से दिल्ली की ट्रेन पकड़ते हैं। (संवाद)
