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जहटौली गांव में घर में लगा नल। – फोटो : संवाद
उरई। समय सीमा बीत जाने के बाद भी घरों में अभी तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है। अभी भी टंकियां अधूरी पड़ी हैं। करीब चालीस हजार घरों में अभी भी पानी नहीं पहुंच सका है। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते लोगों की परेशानियां जरूर बढ़ गई हैं। जगह-जगह सड़कें खोदने से रास्ते भी दलदल में तब्दील हो गए हैं। लोगों को उम्मीद थी कि इसी वर्ष उन्हें पानी मिल जाएगा। लेकिन उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो पाई। वहीं अधिकारियों का कहना है कि जो फर्म काम करा रही है ,उसकी गति बहुत धीमी है। उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।
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जल जीवन मिशन के तहत जिले के सभी घरों में नल से जल पहुंचाने के लिए वर्ष 2019 में करीब 600 करोड़ से जिले के सभी ग्राम पंचायतों में साफ पानी पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। इस योजना के तहत काम वर्ष 2024 में समाप्त भी करना था। लेकिन तय सीमा के बाद भी इसको पूरा नहीं किया जा सका है। जिले में हालत यह है कि करीब चालीस हजार घरों में अभी तक नल से जल नहीं पहुंच पाया है।
लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से सड़कें खोदे जाने से दलदल में जरूर तब्दील हो गई हैं। जिससे लोगों के घरों के सामने कीचड़ भरा है। लोगों को निकलने तक में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें पानी तो मिला नहीं पर दुश्वारियां जरूर मिल गई हैं। दो साल से सड़कें खुदी पड़ी हैं। लेकिन पानी कब मिलेगा, इसका पता नहीं चल रहा है। अधिशासी अभियंता जल निगम के अधिशासी अभियंता अंचल गुप्ता ने कहा कि जिले में दो कंपनी जीवीपीआर और बृज गोपाल मेसर्स काम कर रही हैं। धीमी गति पर दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। सभी घरों तक हर हाल में मार्च तक पानी पहुंचा दिया जाएगा। इसके लिए तेजी से कार्य शुरू करा दिया गया है।
केस – एक
नल लगवा दिए, पर नहीं मिला पानी
सिरसाकलार के जहटौली गांव में करीब एक वर्ष पहले गांव में पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदवा दिया गया। लेकिन सही से भरा नहीं गया है। इससे गांव में गंदगी फैली हुई है। इसके साथ ही ठेकेदारों ने घरों में नलों की भी फिटिंग करवा दी है। उम्मीद थी कि उन्हें जल्द ही पानी मिलने लगेगा। लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी पानी नहीं मिल सका है। नल जैसे के तैसे लगे हैं। अधिकारियों से बात करने पर एक ही आश्वासन मिलता है, कि जल्द ही पानी मिल जाएगा। बताया कि पानी के लिए उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।
केस – दो
पानी तो नहीं मिला लेकिन गांव में हो गया कीचड़
कदौरा ब्लाक के परासन गांव में दो वर्ष पहले गांव की सड़कों को खोदकर पाइप लाइन तो बिछा दी। इसके बाद उनको ठीक कराए बिना छोड़ दिया गया। जिससे गांव की सड़कें दलदल में तब्दील हो गईं हैं। हालत यह है कि निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधान प्रतिनिधि धरनीधर यादव ने बताया कि खोदी गई सड़कों को ठीक कराने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को बताया गया, लेकिन अभी तक समाधान नही हो सका है।
पानी तो मिला नहीं, सड़क भी दलदल में तब्दील
परासन गांव निवासी सुनील तिवारी ने बताया कि ठेकेदार ने पाइप लाइन के लिए सड़कों को खोद दिया। लेकिन दोबारा निर्माण न करने से पूरे गांव में कीचड़ ही कीचड़ हो गया है। शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जहटौली गांव निवासी मुन्ना सिंह सेंगर ने बताया कि गांव में जब विभाग द्वारा नल लगवा दिए थे। उम्मीद थी कि जल्द ही पानी भी मिल जाएगा। लेकिन एक साल से अधिक समय बाद भी पानी नहीं मिल पाया है। इससे वह दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं।