आगरा। ताज महोत्सव की रौनक में जब तक बनारसी पान की लाली और उसकी खुशबू न घुले, तब तक मेला अधूरा सा लगता है। आगरा के इस महोत्सव में बनारस का यह अंदाज़ वाकई निराला है, यहाँ की वैरायटी देखकर लग रहा है कि ‘बनारसी बाबू’ ने परंपरा और आधुनिकता का बढ़िया मेल किया है जैसे-मीठा पान, चाॅकलेट पान, स्मोक पान, फायर पान आदि ।

₹30 का मीठा पान तो सदाबहार है, यह उन लोगों के लिए जो सुकून से स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं। चाॅकलेट पान बच्चों का पसंदीदा है। स्मोक पान आजकल के युवाओं और ‘इंस्टाग्राम जनरेशन’ के बीच काफी चर्चा में रहता है। लिक्विड नाइट्रोजन का असर और मुँह से निकलता धुआँ वाला यह पान एक अलग ही अनुभव देता है। वहीं फायर पान को खाने के लिए थोड़ा जिगरा चाहिए, पर इसका ‘थ्रिल’ बेमिसाल है।

महोत्सव में सिर्फ एक नहीं, बल्कि कंपटीशन भी तगड़ा है। जहां बनारसी बाबू अपनी वैरायटी के लिए मशहूर है। वहीं मोनू पान वाला स्थानीय स्वाद का तड़का के लिए। लाला पान वाला का पारंपरिक अंदाज निराला है।

भले ही पत्ता ‘हरा और कसैला’ (मगही या देसी पत्ता) एक ही किस्म का हो, पर असली जादू तो उस पर लगने वाले कत्थे, चूने और गुलकंद के ‘हाथ के हुनर’ का होता है। महोत्सव में अगर जाएं, तो स्मोक पान ट्राई करने का जोखिम जरूर उठाएं या फिर ₹30 वाले क्लासिक मीठे पान के साथ जाएं। यह महोत्सव में आपके स्वाद में चार चांद लगा देगा। प्रस्तुती : सचिन



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *