The maternal grandmother and maternal uncle of the rescued girl presented forged documents to portray her as an adult.



आगरा। थाना सिकंदरा क्षेत्र में जून 2025 में देह व्यापार से मुक्त कराई गई किशोरी को उसके मामा-नानी ने दस्तावेज पेश कर बालिग दिखाया और सुपुर्दगी में लेकर चले गए। जांच में दस्तावेज फर्जी निकले। अब एनजीओ की शिकायत पर सिकंदरा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


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फ्रीडम फर्म एनजीओ की रेस्क्यू टीम के सदस्य अभितेज ने बताया कि एनजीओ ने जून 2025 में पुलिस को सिकंदरा क्षेत्र में नाबालिग बच्चियों से देह व्यापार कराए जाने की सूचना दी थी। पुलिस ने कार्रवाई कर कई आरोपियों को पकड़ा और एक बालिका को मुक्त कराया। उसके मामा व नानी ने बालिका को बालिग बताते हुए दस्तावेज पेश किए। पुलिस ने दस्तावेजाें के आधार पर दोनों को बालिका की सुपुर्दगी दे दी। एनजीओ की शिकायत पर एडीसीपी महिला अपराध ने जांच की तो दस्तावेज नकली पाए गए। एनजीओ ने बालिका के दोबारा देह व्यापार में धकेलने की आशंका जताते हुए आरोपियों पर कार्रवाई और बालिका को सुरक्षित करने की मांग की है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।



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