– एक ही परिवार के नौ लोग दबे थे, मृतकों के परिजन को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
दतिया। क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से राजगढ़ महल के शहरी परकोटे की दीवार ढह गई। इसकी जद में आया मकान जमींदोज हो गया और इसमें सो रहे परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्वीट कर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। वहीं पूर्व गृह राज्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र भोपाल से दतिया पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
राजगढ़ महल के पास खलकापुरा मोहल्ला बसा है। इसी में निरंजन वंशकार अपने परिवार के साथ रहते थे। बुधवार की रात निरंजन पुत्र तुलसीदास वंशकार (60), उनकी पत्नी ममता वंशकार (55), पुत्री राधा (25), पुत्र शिवम (22), सूरज (19), बहन प्रभा (56) और बहनोई किशन (60) घर में सो रहे थे। इनके साथ मुन्ना वंशकार (59) और उनका पुत्र आकाश (25) भी सो रहे थे।
क्षेत्रीय लोगों ने रात करीब 3 बजे धमाके की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचकर देखा तो राजगढ़ महल के शहरी परकोटे की दीवार निरंजन के मकान पर आ गिर गई थी और मकान जमींदोज हो गया था। लोगों ने मलबे में दबे मुन्ना और आकाश को निकाल लिया। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर संदीप कुमार माकिन, एसपी वीरेंद्र कुमार मिश्रा और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्य शुरू हुआ। लगातार हो रही बारिश और रास्ता संकरा होने के कारण बचाव कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा।
करीब 9 घंटे बाद एसडीआरएफ की टीम ने मलबा हटाया तो लाशें निकलना शुरू हो गई। परिवार के मुखिया निरंजन, ममता, राधा, शिवम, सूरज, प्रभा और किशन वंशकार की हादसे में मौत हो गई।
दुर्घटना की जानकारी मिलते ही दतिया विधायक राजेंद्र भारती, कांग्रेस नेता अवधेश नायक मौके पर पहुंचे। पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा दतिया पहुंचे। वह मुक्तिधाम में मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। वही मुख्यमंत्री के आदेश पर कलेक्टर ने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये देने की घोषणा की।
फोटो- 01- रेस्क्यू करती एसडीआरएफ और पुलिस की टीम, 02- घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधीक्षक, 03- अंतिम संस्कार में शामिल होते पूर्व ग्रहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा,
