झांसी। झांसी विजिलेंस सेक्टर ने प्राथमिकी से आरोपियों के नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांगे जाने के आरोप में दरोगा रामबरन बरनवाल के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान में रिपोर्ट दर्ज कराई है। विजिलेंस की खुली जांच में इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद आरोपी दरोगा के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। आरोपी दरोगा अब सेवानिवृत्त हो चुका है। मामला दर्ज किए जाने के साथ ही विवेचना भी आरंभ हो गई है।
कन्नौज के छिबरामऊ थाना के कुंवर पुरजनु गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। रनवीर सिंह, श्यामवीर सिंह, संजय सिंह, गोपाल सिंह, धनंजय सिंह के खिलाफ मारपीट, गाली गलौज के आरोप में वर्ष 2021 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
छानबीन तत्कालीन प्रभारी सोसाइटी रामबरन बरनवाल को सौंपी गई थी। रामबरन ने जांच के दौरान धनंजय की बुआ नीलम एवं उसके चाचा श्यामवीर से आरोपियों के नाम प्राथमिकी से हटाने के एवज में पचास हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ताओं ने निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा की भी शिकायत की। धनंजय ने इसकी शिकायत की।
विजिलेंस टीम ने पूरे मामले की खुली जांच शुरू कराई। करीब तीन साल लंबी जांच के बाद निरीक्षक की भूमिका नहीं पाई गई जबकि दरोगा रामबरन के घूस लेने की पुष्टि हुई। खुली जांच के आधार पर सतर्कता अधिष्ठान ने शुक्रवार को आरोपी दरोगा रामबरन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिष्ठान में प्राथमिकी दर्ज करा दी। एसपी (विजिलेंस) राजेंद्र यादव के मुताबिक विवेचना आरंभ करा दी गई है।
