{“_id”:”66da1add2ddf75f7e1011c24″,”slug”:”the-train-of-development-awaits-the-track-of-hope-orai-news-c-224-1-ka11004-119305-2024-09-06″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: विकास की रेल को उम्मीद की पटरी का इंतजार”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
जालौन। नगर को रेलवे मानचित्र पर लाने की मुहिम वैसे तो दशकों से चल रही है। वहीं, नगर के समाजसेवी देवीदयाल वर्मा लगातार नगर को रेलवे मानचित्र पर लाने के लिए समय- समय पर प्रधानमंत्री समेत रेलमंत्री और रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर नगर को रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग करते हैं। अबकी बार प्रदेश की राज्यपाल के सचिवालय से भी रेल मंत्रालय को पत्र लिखकर इस प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। इससे नगर के लोगों को रेलवे लाइन मिलने की आस बंधी है। खनिज संपदा से भरपूर और पर्यटक स्थलों की दृष्टि से भी विकसित यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। यदि यहां से रेल लाइन निकलती है तो यहां विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।
सर्वे के बाद अटकी रफ्तार
मोहल्ला फर्दनवीस निवासी देवीदयाल वर्मा ने बताया कि नगर को रेलवे लाइन से जोड़ने का पहला प्रयास रेलमंत्री ममता बनर्जी के समय में किया गया था। उन्होंने कोंच से जालौन औरैया होकर फफूंद तक (89.68 किमी) और भिंड-उरई-जालौन-महोबा-राठ होकर (217 किमी) नई रेल लाइन का सर्वे कराया था। यह सर्वे पूरा होकर इनकी रिपोर्ट भी क्रमशः 29 मार्च 2012 और 10 फरवरी 2014 को रेलवे बोर्ड प्रधान कार्यालय (निर्माण) उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद द्वारा रेल मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। इसके बाद से यह योजना अटकी भटकी पड़ी है। हाल ही में प्रदेश की राज्यपाल के सचिवालय से जारी पत्र के क्रम में उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव अजय कुमार ओझा ने रेल मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की बात कही थी।
जनता का सपना, जल्द गुजरे रेलमार्ग
मोहल्ला बापूसाहब निवासी अखिलेश लाक्षाकार बताते हैं कि वह वर्षों से प्रयास कर रहे हैं कि नगर को रेलवे लाइन से जोड़ा जाए। इसके लिए वह लगातार रेल मंत्रालय से पत्राचार भी करते रहते हैं। कुछ माह पूर्व नगर के गणमान्य लोगों के साथ ही शिक्षकों, डॉक्टरों के हस्ताक्षरयुक्त पत्र रेलमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजकर नगर को रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग की थी। लेकिन इन पत्राचार का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने से थोड़ी मायूसी होती है। लेकिन वह व अन्य लोग लगातार प्रयास कर रहे हैं कि नगर व क्षेत्र की जनता का यह सपना कि नगर से होकर रेल गुजरे, जल्द से जल्द पूरा हो। यदि इस क्षेत्र को रेल लाइन मिलती है तो निश्चित है यहां से लोगों का जो पलायन हो रहा है वह रूकेगा।
यहां प्रस्तावित थे स्टेशन
कोंच से फफूंद वाया जालौन-औरैया रेललाइन
कोंच, गुरौटी, भेंड़, देवरी, जालौन, जगनेवा, हदरुख मदारीपुर, कुठौंद, शंकरपुर, औरैया, ककोर, फफूंद।
भिंड, महोबा वाया उरई
भिंड, चरथार, ऊमरी, नयागांव, बोनापुरा, माधौगढ़, बंगरा, जालौन, वीरपुरा, सरसोकी, उरई, डकोर, रिहुंटा, गोहांड, राठ, धमना, सबुआ, चरखारी, कुरारा कलां, महोबा।
