{“_id”:”66e744d0bc17d6b9a10b2a65″,”slug”:”the-water-level-of-yamuna-and-pahuj-rivers-is-decreasing-rapidly-orai-news-c-224-1-ka11004-119735-2024-09-16″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: यमुना और पहूज नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}

उरई। दो दिन लगाातार मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ से जिले के करीब 70 गांव पानी से घिर गए थे, जबकि 20 गांवों में पानी घुसा हुआ है। इसके बाद बांध से छोड़े गए पानी से यमुना व पहूज के किनारे के गांव डूबने लगे थे, लेकिन रविवार को पानी तेजी से कम होने लगा। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली हैं। रविवार को माधौगढ़ तहसील क्षेत्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का कमिश्नर से दौरा कर लोगों को राहत सामग्री बांटी।

Trending Videos

जिले में मंगलवार व बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से यमुना, बेतवा व पहूज नदी उफना गई थी। इसके बाद शुक्रवार को कोटा बैराज बांध से दो लाख क्यूसेक पानी के छोड़ देने से जिले के 70 गांवों को पानी ने घेर लिया था। इसके साथ ही 20 गांवों में अभी भी पानी भरा है। गांवों को खाली कर लोग राहत शिविरों या सुरक्षित स्थानों पर आ गए हैं। रविवार को मंडलायुक्त झांसी विमल कुमार दुबे ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का डीएम राजेश कुमार पांडेय के साथ निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 20 गांव बाढ़ की चपेट में पूरी तरह से हैं, वहां के बाशिंदों को जिला प्रशासन की मदद से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। सभी जगह कम्युनिटी किचन चल रही है। उन्होंने कहा कि अभी पानी का जलस्तर घट रहा है, लगभग स्थिति सामान्य है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र जहां पानी में डूबने से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई हेतु प्रारंभिक सर्वे का कार्य पूरा हो गया है।

लगभग जनपद में 2150 एकड़ भूमि पर कृषि के प्रभावित होने की आशंका है। जिलाधिकारी ने सभी लेखपालों को फसलों में हुए नुकसान के सर्वे का आदेश दिया है। लेखपाल विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार कर कृषि बीमा योजना और राहत मद से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं, जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता पर पशुओं को भूसा व टीकाकरण का कार्य भी तेजी से सुनिश्चित करेंगे, जिससे पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। कहा कि किसी भी व्यक्ति को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

पानी घटने से ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

कालपी। बारिश के बाद कोटा बैराज बांध से दो लाख क्यूसेक पानी के छोड़ने से शनिवार को यमुना के आसपास के लोगों में दहशत फैल गई थी। सीमा से सटे करीब दो दर्जन गांवों के संपर्क मार्ग टूट गए थे। लेकिन रविवार को जलस्तर तेजी से कम होने लगा। जलस्तर एक घंटे में चार सेंटीमीटर से हिसाब से कम हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के रूपेश कुमार के अनुसार, रविवार 1 बजे नदी का जलस्तर 108.60 पर आ गया था और पानी कम होने की रफ्तार 4 सेंटीमीटर प्रति घंटा हैं। उन्होंने बताया कि रात में पानी घटने की गति और कम हो जाएगी। पानी कम होने से प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। (संवाद)

पानी तो कम हुआ पर हालात देख निकल आए आंसू

कोंच। पहूज में आई बाढ़ से सीमावर्ती गांवों में जो तबाही बाढ़ के पानी ने मचाई है, उससे उबरने में पीड़ितों को वक्त लगेगा। रविवार को कई गांवों से पानी उतरने गया। लेकिन इसके बाद गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आ रही है, आशियाने को देख लोगों की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। अब वह गृहस्थी का बचा खुचा सामान समेटने में लगे हैं।

कोंच तहसील के सलैया बुजुर्ग, पुरानी मऊ, महेशपुरा, नदीगांव आदि इलाके पहूज नदी में आई बाढ़ की चपेट में आकर बर्बाद हो चुके हैं। पानी उतरने के बाद ग्रामीण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए कच्चे घरों की लीपापोती करने में जुट गए हैं। इन गांवों में चारों ओर कीचड़ और दलदल के साथ ही दुर्गंध और गंदगी नजर आ रही है जिसका सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि शनिवार को उन्होंने विधायक मूलचंद्र निरंजन, सीओ अर्चना सिंह के साथ सलैया गांव के 120 और महेशपुरा गांव के 20 परिवारों को राशन सामग्री किट बांटी थी। अब अगले एक-दो दिन में ही पुराने मऊ गांव के चिन्हित 300 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राशन सामग्री किट बांटी जाएगी। झांसी और ललितपुर के बांधों से छोड़े गए पानी से कोंच तहसील क्षेत्र का पहूज पट्टी से जुड़ा बीहड़ इलाक़ा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्राम सलैया बुजुर्ग, पुराना मऊ, महेशपुरा के अलावा नदीगांव कस्बे के आधा दर्जन वार्ड पानी से डूब गए थे। इन गांवों में सैंकड़ों कच्चे घर गिर गए हैं, गृहस्थी बर्बाद हो गई है और सैकड़ों की संख्या में मवेशी अभी भी लापता हैं। जिसे देख स्वामी अपने किस्मत को कोश रहे हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें