घर से भटककर पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए सुल्तानखेड़ा निवासी मानसिक बीमार युवक के बुधवार शाम घर आने के बाद लगातार हो रहे सवालों के जवाब देते-देते वह परेशान हो गया। गुरुवार भोरपहर वह घर से बिना बताए निकल गया। परिजन परेशान हो गए और उसकी फिर तलाश शुरू की। शाम चार बजे वह मगरवारा स्थित रेलवे स्टेशन के पास बैठा मिला तो उसे घर लाए।
सदर कोतवाली के मोहल्ला सुल्तानखेड़ा निवासी सूरज पाल (45) पुत्र उमाशंकर मानसिक बीमार रहता है। चार साल आठ महीने पहले वह घर से बिना बताए निकला था जम्मू के आरएसपुरा के रास्ते पाकिस्तान की सीमा में पहुंच गया था। इससे वहीं जेल में बंद कर दिया गया था। बुधवार को घर आने के बाद से उससे लगातार कोई न कोई सवाल जवाब कर रहा है, इससे वह परेशान हो गया था। रात में ही उसने परिजनों से बात करना बंद कर दिया और एक चारपाई पर जाकर सो गया। गुरुवार सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो वह चारपाई पर नहीं था। यह देख वह परेशान हो गए और फिर तलाश शुरू की। चचेरे भाई रमेश ने बताया कि हम सभी उसकी तलाश कर रहे थे, पहले गांव फिर खेत की ओर जाकर देखा लेकिन नहीं मिला।
परिवार के लोगों पड़ोसियों ने भी तलाशने में मदद की तो देर शाम मगरवारा रेलवे स्टेशन पर बैठे होने का पता चला। तब उसे घर लाए, अब वह किसी से बात नहीं करना चाहता। इसलिए सभी को मिलने से मना कर दिया है। डर है कि कहीं फिर चला जाएगा तो कैसे खोजकर लाएंगे। एएसपी अखिलेश सिंह ने बताया कि सूरज पाल की मानसिक स्थित ठीक नहीं है। वह कुछ भी बता नहीं पा रहा है।