संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ओएचई और सिग्नल केबल चोरी मामले में आरपीएफ को कोई सफलता नहीं मिली है। तीन दिन के भीतर एक ही सेक्शन पर दो बार केबिल चोरी कर अपराधियों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोल दी है। इसके साथ ही एक ही सेक्शन में दो बार घटना को अंजाम देकर चुनौती भी दे दी।
झांसी-मुंबई रेलमार्ग व्यस्ततम रेलमार्गों में शामिल है। यहां से औसतन हर 15 मिनट में एक ट्रेन आवागमन करती है। ऐसे में ट्रेन काे ऊर्जा देने वाली ओएचई (ओवर हेड इक्यूपमेंट), सिग्नल और ट्रैक अन्य रेलमार्ग की अपेक्षा में रेलवे की पहली प्राथमिकता पर हैं। बावजूद इसके इस रेलमार्ग की सुरक्षा हासिए पर दिखाई दे रही है। बीते बुधवार को जाखलौन-ललितपुर रेलखंड में चोरों ने सिग्नल केबल पर हाथ साफ करते हुए 100 मीटर केबल चोरी की थी। इसके बाद यहां से ट्रेनों का संचालन एक घंटे के लिए पूरी तरह प्रभावित हो गया था। सूचना मिली तो आरपीएफ ने चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। अभी आरपीएफ चोरों को नहीं पकड़ सकी है। शुक्रवार को चोरों ने फिर से इसी सेक्शन पर सिग्नल केबल चोरी कर ली। अब फिर से आरपीएफ ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
सिग्नल केबल चोरी करने वाले बदमाश इतने शातिर ढंग से अपराधों को अंजाम दे रहे हैं कि सुरक्षा बलों को भी समझ नहीं आ रहा कि वह इन्हें रोके भी तो कैसे। बुधवार और शुक्रवार की घटना का समय लगभग एक ही है। पहली चोरी 9 बजे हुई तो दूसरी चोरी को 9.15 बजे अंजाम दिया गया। चोरों ने जिस प्रकार घटना को अंजाम दिया है, उससे स्पष्ट है कि वह ट्रैक की रेकी करने के बाद चोरी कर रहे हैं। रेलवे के ट्रैक मेंटेनर ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय ट्रैक मेंटेनर घटना स्थल से पेट्रोलिंग कर आधे घंटे पहले आगे बढ़ गया था। जब तक वह लौटा तो घटना हुए आधा घंटा हो गया था।
रेलमंत्री आने से पहले भी चोरों ने की थी चोरी
रेलमंत्री बनने के बाद अश्विनी वैष्णव 16 अप्रैल 2022 को झांसी मंडल के दौरे से एक दिन पहले चोरों ने मंडल के झांसी-मुस्तरा रेलखंड पर भी चोरी की घटना को अंजाम दिया था। यहां 17 अप्रैल को चोर 50 मीटर लंबी ओएचई लाइन काट ले गए थे।
वर्जन
सिग्नल केबिल चोरी की घटनाएं गंभीर हैं। दोनों मामलों में आरपीएफ अपराधियों के सुराग जुटाने में लगी है। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इसके अलावा सेक्शन पर सुरक्षा बलों की चौकसी भी बढ़ाई गई है। – मोहम्मद असलम, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ झांसी