There was a lot of ruckus in front of the police, sticks were used, 20 people injured

मारपीट में घायल ग्रामीण को अस्पताल  ले जाते पुलिस कर्मी

बाजारशुकुल (अमेठी)। घटतौली की शिकायत पर कोटेदार की जांच करने पहुंची पुलिस व विभागीय टीम की मौजूदगी में मंगलवार की शाम ग्राम प्रधान व कोटेदार पक्ष में जमकर बवाल हुआ। पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर लाठियों व धारदार हथियार से हमला कर दिया।

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हमले के दौरान भगदड़ मच गई। मारपीट में दोनों पक्ष से 20 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से घटना पर काबू पाया। पुलिस घायलों को थाने ले जाने के बाद मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा है।

दोनों पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दो पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।

बाजारशुकुल थाने के सत्थिन ग्राम पंचायत के कोटेदार रईस अहमद उर्फ सोनू की घटतौली सहित अन्य अनियमितता की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर गांव निवासी बाल किशोर शर्मा ने की थी। शिकायती पत्र को आधार बनाते हुए अखंड भारत सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक राणा ने संज्ञान लेकर उच्चाधिकारियों से जांच कराने की मांग की थी।

शिकायत मिलने के बाद एसडीएम प्रीती तिवारी के निर्देश पर मंगलवार को बीडीओ अंजली सरोज, पूर्तिनिरीक्षक अरुण कुमार पांडेय व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ज्योती पुलिस फोर्स संग जांच करने गांव पहुंची। गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में टीम उपभोक्ताओं का बयान दर्ज कर रही थी। वहां ग्राम प्रधान इफ्तिखार अहमद व कोटेदार रईस अहमद उर्फ सोनू भी अपने समर्थकों संग मौजूद थे। तभी दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस होने लगी। जांच टीम और वहां मौजूद पुलिस कर्मी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। देखते ही देखते एक दूसरे पर लाठियों व धारदार से हमला कर दिया।

इस बीच प्रधान सहित उनके पक्ष के 14 व कोटेदार सहित उनके पक्ष के छह लोग घायल हो गए। पुलिस कई लोगों व घायलों को थाने ले गई। थाने से पुलिस ने घायलों को मेडिकल के लिए भेजा है। दोनों पक्ष मौखिक रूप से एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। किसी पक्ष ने तहरीर नहीं दी थी। एसओ दयाशंकर मिश्र ने बताया कि गांव में अब शांति व्यवस्था कायम है। घायलों का मेडिकल करवाया जा रहा है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

जांच के दौरान हुआ विवाद

खंड विकास अधिकारी बाजारशुकुल अंजली सरोज का कहना है कि जांच हो रही थी। जांच में बयान लिए जा रहे थे। 10 से 12 लोग ही बयान देने को शेष बचे थे। मीटिंग में जाना था, इसलिए वह ब्लॉक पर चली आईं थीं। जैस ही ब्लाॅक पर पहुंची, तभी उनको मारपीट की सूचना मिली है।



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