लखनऊ से आई केंद्रीय भंडार निगम की टीम ने भी की पड़ताल

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। गोदाम में पानी भरने से छह करोड़ रुपये की मसूर और मूंगफली के बर्बाद होने के मामले को संज्ञान में लेते हुए मंडलायुक्त ने इसकी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके अलावा, लखनऊ से आई केंद्रीय भंडारण निगम की टीम ने भी गोदाम पर पहुंचकर मामले की जांच की।

पारीछा स्थित गोदाम के एक भाग में केंद्रीय भंडारण निगम की मसूर की 60 हजार बोरियां रखी हुई थीं। जबकि, दूसरे भाग में नैफेड की मूंगफली की 30 हजार बोरियां भंडारित थीं। पिछले सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश का पानी गोदाम में तकरीबन चार-पांच फीट तक भर गया था। इससे पांच हजार बोरियों में रखी मसूर और चार हजार बोरियों में रखी मूंगफली पूरी तरह से बर्बाद हो गई थी। खराब हुई मूंगफली और मसूर का मूल्य लगभग छह करोड़ रुपये आंका गया है।

इतनी भारी मात्रा में मसूर और मूंगफली के बर्बाद होने से झांसी से लेकर लखनऊ तक खलबली मची हुई है। जानकारी होने पर लखनऊ मुख्यालय से आई केंद्रीय भंडार निगम की तीन सदस्यीय टीम ने यहां पहुंचकर पूरे मामले की बिंदुवार जानकारी ली। इसके अलावा, नुकसान का आकलन भी किया। वहीं, अब इस मामले को मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने भी संज्ञान में लिया है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश कर दिए हैं। मंगलवार को इसके लिए टीम गठित कर दी जाएगी। मंडलायुक्त ने बताया कि लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चार लाख क्विंंटल से अधिक है दलहन और तिलहन का भंडार

पारीछा गोदाम में बची हुई मसूर की पचपन हजार और मूंगफली की 26 हजार बोरियों को कोट और चिरगांव स्थित गोदामों में तेजी से शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा, रक्सा, नंदनपुरा, पारीछा, चिरगांव, कोछाभांवर स्थिति गोदामों में भी रखे कृषि उत्पादों की सुरक्षा की जांच की जाने लगी है। इन सभी गोदामों में चार लाख क्विंटल से अधिक दलहन और तिलहन रखा हुआ है। इसमें मूंगफली, उड़द, सरसों, मसूर, मूंग आदि शामिल हैं। केंद्रीय भंडार निगम के प्रबंधक प्रशांत सिंह भदौरिया ने बताया कि बचे हुए माल को तेजी से दूसरे गोदामों में पहुंचाया जा रहा है।



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