संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रेन में बढ़ती सीट की मांग को देखते हुए रेलवे ने किया बदलाव
मुंबई जाने वालों की पहली पसंद है लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मुंबई से लखनऊ के बीच चलने वाली पुष्पक सुपरफास्ट एक्सप्रेस महाराष्ट्र के लिए यात्रा करने वालों की सबसे पसंदीदा ट्रेन है। इसमें टिकट के लिए मारामारी की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने अब इस ट्रेन से थर्ड एसी श्रेणी ही समाप्त कर थर्ड एसी इकोनॉमी के नौ कोच लगाए हैं। इससे सीटों की संख्या बढ़ गई है। फिर भी ट्रेन में सीट मिलना मुश्किल बना हुआ है।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलकर लखनऊ जाने वाली पुष्पक सुपरफास्ट एक्सप्रेस समयबद्ध संचालन और यात्री सेवाओं के मामले में सभी की पहली पसंद है। मुंबई से लखनऊ तक चलने वाली सभी ट्रेन में पुष्पक एक्सप्रेस का यात्रा समय सबसे कम 22.45 घंटे है। वहीं, अन्य ट्रेन इसी दूरी को तय करने में 24 से 30 घंटे तक लेती हैं। इसमें 120 दिन पहले ही यात्री बुकिंग करा लेते हैं। अब रेलवे प्रशासन ने 72 सीट वाले थर्ड एसी कोच हटाकर पुष्पक एक्सप्रेस में 83 सीट वाले थर्ड एसी इकोनॉमी कोच लगा दिए हैं। इसके बाद ट्रेन में सीटों की संख्या 908 से बढ़कर 1,367 हो गई है। हालांकि, यह बदलाव केवल थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी में ही हुआ है।
पुष्पक में इतने कोच में थीं इतनी सीट
पुष्पक एक्सप्रेस में अभी तक 5 स्लीपर, 4 थर्ड एसी, 2 इकोनॉमी, 1 फर्स्ट एसी और 2 जनरल और 1 रसोईयान सहित यह ट्रेन 18 कोच की थी।
पुष्पक एक्सप्रेस में लगाए गए हैं 9 इकोनॉमी कोच
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने पुष्पक सुपरफास्ट एक्सप्रेस में थर्ड एसी को हटाकर थर्ड एसी इकोनॉमी के 9 कोच लगा दिए हैं। इसके चलते अब इकोनॉमी क्लास में 747 सीट हो गई हैं। साथ ही इस श्रेणी में थर्ड एसी की अपेक्षा किराए में भी 8 प्रतिशत तक कमी आई है।
– आइएसओ प्रमाणित है पुष्पक एक्सप्रेस
समय पाबंदी और यात्री सुविधाओं के चलते पुष्पक सुपरफास्ट एक्सप्रेस ने अंतरर्राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्राप्त किया है। इस ट्रेन को साल 2021 में आइएसओ (अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन) ने प्रमाणपत्र जारी किया है।
वर्जन
यात्री सुविधा के लिहाज से इस ट्रेन में 9 इकोनॉमी क्लास के कोच लगाए गए हैं। इससे थर्ड एसी के मुकाबले ट्रेन में बर्थ की संख्या बढ़ गई है। साथ ही यात्रियों को सीट मिलने में आसानी हो रही है। – मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी
