
वरका के पास कटी नहर की पटरी
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गभाना क्षेत्र के गांव बरका के पास 10 अगस्त तड़के चार बजे के करीब मध्य गंग नहर की पटरी कट गई। जिससे लगभग ढाई हजार बीघा फसल जलमग्न हो गई। इससे आधा दर्जन गांवों के किसान प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान धान, ज्वार, बाजरा और मक्का की फसलों में हुआ है। सिंचाई विभाग के कर्मचारी कटी हुई पटरी को सही करने में जुटे रहे, लेकिन पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण 12 घंटे बाद भी हालात जस के तस हैं।
10 अगस्त की सुबह पांच बजे के करीब डंकल सिंह के खेत के पास तेज बहाव के चलते पटरी कट गई। सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो कटी हुई पटरी को देख उनके होश उड़ गए। पानी का बहाव इतना तेज था कि आसपास के खेतों के अलावा सड़क तक पानी पहुंच गया। सूचना पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।
सिंचाई विभाग के अधिकारी कटी हुई पटरी को जेसीबी की मदद से सही करने में जुट गए, लेकिन पानी का बहाव बहुत तेज होने से शाम तक पटरी सही नहीं हो सकी। इस पानी से बरका, उदयपुर, उटवारा, जरारा समेत आधा दर्जन के करीब गांवों के किसानों के खेतों में पानी भर गया। जिससे धान, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों में पानी भर गया। सूचना पर पूर्व विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए और किसानों से बात कर उच्चाधिकारियों से मुआवजा दिलाने की मांग की।
इनकी फसलें हुई प्रभावित
1-गांव बरका के किसान डंकल, अशोक, सुभाष कुमार, साकिर खां, खेम सिंह, सोनू, किरनपाल, हरीश शर्मा, लाला शर्मा, देवेंद्र, नन्हें शर्मा, होराम सिंह, भोला, सूरज पंडित, करुआ, निरंजन और मुकेश शर्मा के खेतों में पानी भरा है।
2-उटवारा में किसान ओमप्रकाश, धर्मजीत, ओमप्रकाश, लक्ष्मीनारायण, दामोदर, राजवीर शर्मा, हाकिम, महेंद्र सिंह, निरंजन सिंह, कृपाल सिंह, केदार सिंह, देवेंद्र और उदयवीर के खेतों में पानी भर गया है।
3-उयदपुर के किसान सुभाष, मांगेलाल, विपिन कुमार, सुखदेवी, राहुल, राजू, राजकुमारी के खेतों में पानी भर गया है।
किसानों से बातचीत
नहर की पटरी कटने से मेरी धान की फसल डूब गई है। जिससे काफी नुकसान हुआ है।-सुभाष कुमार सिंह निवासी बरका
पानी से धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, काफी मेहनत की थी, बहुत दुख हुआ।-सुखदेवी उदयपुर।
पट्टे पर खेती लेकर धान की फसल बोई थी। नहर की पटरी कट जाने से खेतों में पानी भर गया।-मांगे सिंह
नहर की पटरी कट जाने से मेरी धान की फसल डूब गई, जिससे काफी नुकसान हुआ है।-सुभाष चंद्र
