मैनपुरी। जिले में बुखार का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। बेवर के गांव जोत निवासी बुखार से पीड़ित एक साल की बालिका और कुरावली के गांव नगला बरी में पांच साल के बालक की माैत हो गई। वहीं किशनी के मडौसी में पांच साल के बालक की पेटदर्द के चलते मौत हो गई। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले 24 घंटे में 46 मरीज भर्ती कराए गए। पांच मरीजों को हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया। शुक्रवार को सुबह से ही महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ देखी गई। अस्पताल की इमरजेंसी में 46 मरीजों को भर्ती कराया गया। बेवर थाना क्षेत्र के गांव जोत निवासी निहारिका (1 साल) पुत्री श्याम सुंदर को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार के चलते उसमें खून की कमी हो गई। 27 अगस्त को परिजन ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया। कुरावली के गांव नगला बरी निवासी हर्षित (5 साल) पुत्र रोहित को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका कस्बा ज्योंती में एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे हालत बिगड़ने पर परिजन शुक्रवार की शाम उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना किशनी के गांव मुडौसी निवासी मानव (5 माह) पुत्र दीपक को पिछले कुछ दिनों से पेटदर्द की समस्या थी। परिजन उसका दिल्ली से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डॉ. मदनलाल का कहना था कि तीनों बच्चों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था।

पैरारशाहपुर में 14 मरीजों को दिया गया उपचार
बरनाहल। क्षेत्र के गांव पैरारशाहपुर में बुखार की स्थिति सामान्य होती जा रही है। शुक्रवार को भी यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। शिविर में 14 मरीजों को उपचार दिया गया। इस मौके पर चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. हनीफ खान, हरीलाल चौधरी ,राहुल कुमार, वीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।