
आर्थिक अपराध
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में जेल चौराहे के पास रहने वाले एक दुकानदार की यूजर आईडी और पासवर्ड चोरी करने के बाद ठगों के एक गिरोह ने नकली फर्म बना ली। इससे आठ करोड़ रुपये का लेनदेन करते हुए 1.50 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने पंजाब के रहने वाले एक ठग को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि मास्टर माइंड सहित दो अन्य की पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले जेल चौराहे के पास निवास कर रहे दुकानदार प्रमोद त्रिपाठी ने एक शिकायत दी। इसमें कहा कि उनके पास इनकम टैक्स के मैसेज और फोन आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने जीएसटी फर्म पर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया है। लेकिन टैक्स नहीं भरा है।
जब कार्यालय जाकर जानकारी की तो पता चला कि उनकी फर्म के नाम पर माह जनवरी से फरवरी तक करीब आठ करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने साइबर थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल को जांच सौंपी थी।
साइबर थाना के वरिष्ठ उप निरीक्षक अमित सिंह और साइबर एक्सपर्ट सरयू कुमार, गौरव, जोगेंद्र चौधरी, महिपाल सिंह और मनोज कुमार ने जांच शुरू की। रविवार को पंजाब के सेक्टर 1 ए मंडी गोविंदगढ़ निवासी गुरमीज उर्फ राजवीर को गिरफ्तार किया। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह अपने साथी संजय कुमार निवासी सेक्टर 24बी मंडी गोविंदगढ़ और प्रमोद कुमार निवासी सेक्टर 22 मंडी गोविंदगढ़ के साथ व्यापारियों को टारगेट करता है।
जो लोग वर्तमान समय में व्यापार नहीं कर रहे हैं। उनको गुमराह करके जीएसटी यूजर आईडी पासवर्ड चोरी कर लेते हैं। इसके बाद उक्त फर्म से लेनदेन करते हुए जीएसटी चोरी करते हैं। यह काम वह लोग 5-6 साल से करते आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि प्रमोद के खाते से करीब आठ करोड़ रुपये का लेनदेन करते हुए 1.50 की जीएसटी चोरी की गई। मास्टरमाइंड सहित दोनों आरोपियों को भी शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
