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उरई। जिले के प्रभारी मंत्री सोमवार की देर शाम जिले में पहुंचे, जहां वह कार्यकर्ताओं से स्वागत कराने में मशगूल नजर आए। जिले के लोगों को लग रहा था कि प्रभारी मंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर लोगों का हाल चाल जानेंगे, लेकिन प्रशासन की तरफ से जो प्रोटोकाल आया। उसमें वह अपने कार्यक्रमों के अलावा पीड़ितों से मिलना तो दूर उनके आसपास भी नहीं पहुंच रहे हैं। जिससे लोगों में प्रभारी मंत्री को लेकर खासा रोष है।
जिले के प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार सोमवार को पहली बार जिले में पहुंचे, प्रोटोकाल जारी न होने से लग रहा था कि वह जिले में आई आपदा से प्रभावित क्षेत्र में जाकर पीड़ित लोगों से मिलेंगे। लेकिन सोमवार देर शाम जैसे ही प्रोटोकाल आया तो उसे देख लोगों का कहना है कि मंत्री जी को तो पीड़ितों की चिंता ही नहीं है।
प्रोटोकाल में समय दिया है कि 5 बजकर 30 मिनट पर निरीक्षण भवन पहुंचेंगे। इसके बाद वह जिला पंचायत कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करेंगे। मंगलवार को वह सुबह 8 बजे कांशीराम कालोनी में स्वच्छता अभियान कार्यक्रम में भाग लेंगे। 11 बजे युवा मोर्चा द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लेंगे। 12 बजे कोर कमेटी की बैठक में प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद 2 बजे सदस्यता अभियान कार्यक्रम में भाग लेकर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ चले जाएंगे।
प्रोटोकाल जारी होते ही बाढ़ पीड़ित कोंच तहसील के सलेय गांव निवासी विवेक, गौरव, संजय, पप्पू, मऊ गांव निवासी कमलेश, ब्रजेश सिंह, संजय, महेशपुरा गांव निवासी राजू और गजेंद्र का दर्द छलक उठा। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि बाढ़ से हुए नुकसान को मंत्रीजी देखेंगे और उनके दुख में खड़े होकर उनकी सहायता करने की बात करेंगे, लेकिन मंत्रीजी ने तो उनके बारे में सोचा भी नहीं। इससे समझ आ रहा है कि बाढ़ पीड़ितों का दर्द किसी को समझना ही नहीं है।
