अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। ग्रासलैंड में सोमवार को इंडस्ट्री मीट और चारा तकनीकी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डॉ. डीके यादव ने कहा कि देश में हरे चारे की कमी के कारण चारा फसलों की पूर्ति का दबाव है। अमृतकाल में 2047 तक हरे चारे में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना है।

उन्होंने कहा कि बीज इंडस्ट्री में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में वृद्धि की जरूरत है। डॉ. प्रवीन कुमार ने कहा कि अनुसंधान परियोजना बनाते समय इंडस्ट्री की आवश्यकता को मद्देनजर आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करें, जिससे किसानों के पास उपयोगी तकनीक पहुंचेगी। मुख्य अतिथि ने चारा तकनीकी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। विभिन्न संस्थानों के स्टॉलाें का अवलोकन कर उनके कामकाज और तकनीकों के बारे में जानकारी ली। संस्थान के निदेशक डॉ. विजय यादव, डॉ. अजय राना, डॉ. प्रभाकर बाबू, डॉ. एएसएन रेड्डी ने भी अहम जानकारियां दीं। शाम को वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हुई। संचालन शैलेंद्र सिन्हा ने किया और आभार डॉ. अवनींद्र कुमार सिंह ने जताया। इस दौरान डॉ. डीके यादव, डॉ. तेजवीर सिंह मौजूद रहे।



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