संवाद न्यूज एजेंसी

Trending Videos

ललितपुर/जाखलौन/डोंगराखुर्द। भगवान श्रीकृष्ण का ललितपुर से गहरा नाता रहा है। महाभारत काल में कालयवन को मुचकुंद ऋषि ने ललितपुर के धौजरी स्थित गुफा में तब भस्म कर दिया था, जब रण छोड़ भागकर गुफा में छिप गए श्रीकृष्ण का पीछा करता हुआ कालयवन यहां पहुंचा था। तभी से यह स्थान रणछोड़ धाम के नाम से जाना जाता है। प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर यहां मेला लगता है। बेतवा नदी के किनारे बने प्राचीन मंदिर और मुचकुंद गुफा को देखने के लिए सालभर भारी संख्या में श्रद्धालु व सैलानी आते हैं।

जाखलौन-देवगढ़ के पास ग्राम धौजरी के जंगल में बेतवा नदी के किनारे रणछोड़ धाम है। यहां जंगल में कई मीटर ऊंचे पहाड़ पर एक गुफा है, जिसे मुचकुंद गुफा के नाम से जाना जाता है। नेहरू महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. भगवत नारायण शर्मा बताते हैं कि पौराणिक ग्रंथों के अनुसार महाभारत काल में जरासंध कालयवन का मित्र था। जरासंध के मरने का बदला लेने के लिए कालयवन ने मथुरा पर आक्रमण कर दिया था। उसने भगवान कृष्ण को लड़ने के लिए ललकारा तो उन्हें रण छोड़कर भागना पड़ा। कालयवन भगवान शंकर का परम भक्त था और शिवजी ने उसे दो चीज से बचने के लिए कहा था। पहला वह मुचकुंद ऋषि की तपस्या भंग न करे और दूसरा किसी समुद्र में प्रवेश न करे। इनसे बचा रहा तो वह अजर-अमर रहेगा।

अपने मित्र जरासंध की मौत का बदला लेने के उद्देश्य से उसने मथुरा-द्वारिका पर चढ़ाई की। रणभूमि को छोड़कर श्रीकृष्ण विंध्यांचल पहाड़ियों के रास्ते जाखलौन के ग्राम धौजरी के जंगल में पहुंचे और यहां स्थित मुचकुंद गुफा में छिप गए। गुफा में सो रहे मुचकुंद ऋषि के ऊपर श्रीकृष्ण ने अपना पीतांबर डाल दिया। कालयवन पीछा करते हुए अपने मद में यह बात भूल गया और उसने पीतांबर ओढ़े सो रहे मुचकुंद ऋषि की निद्रा भंग कर दी। ऋषि मुचकुंद ने जैसे ही आंखें खोलीं, उनकी आंखों से निकली दिव्य ज्वाला ने कालयवन को भस्म कर दिया था। मुचकुंद गुफा अब भी ग्राम धौजरी में बेतवा नदी के किनारे पहाड़ी पर है और यहां पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।

मंदिर के पास से बहती है बेतवा

धौजरी में रणछोड़ धाम विंध्यांचल पहाड़ियों पर है। यहां से बेतवा नदी बहती है। इसी के किनारे रणछोड़ धाम के प्राचीन मंदिर हैं। मंदिर के किनारे बेतवा नदी का भव्य स्वरूप दिखता है। बरसात के दिनों में बेतवा पूरे उफान पर रहती है तो इसका पानी मंदिर के काफी पास से बहता है।

मकर संक्रांति पर प्रतिवर्ष लगता है मेला

रणछोड़ धाम पर मकर संक्रांति पर विशाल मेला लगता है। यहां जनपद सहित मध्य प्रदेश के आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में आते हैं। बेतवा नदी में नहाकर पुण्य लाभ लेते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *