अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शनिवार शाम युवक ने अपने दोस्त को फोन करके कहा, अब जीने की इच्छा नहीं रह गई। यह सुनकर उसका दोस्त घबरा उठा। भागते हुए वह जैसे ही उसके घर पहुंचा, वह कमरे में फंदे से लटका मिला। उसकी मां बगल में कमरे में थी लेकिन, उसे कुछ मालूम नहीं चला। परिजनों का कहना है कि उसकी पत्नी करीब चार माह से मायके में रह रही थी। इससे वह काफी दुखी रहता है। आशंका जताई जा रही कि इसी वजह से उसने फंदे से लटकर जान दे दी।
कोतवाली के गुदरी मोहल्ला निवासी मोहनीश पुत्र राजेंद्र प्रसाद लोडर गाड़ी चलाकर जीविकोपार्जन करता था। शराब पीने का भी वह आदी थी। इस वजह से अक्सर ही पत्नी से विवाद होता था। मारपीट से परेशान होकर पत्नी करीब चार माह पहले मायके चली गई। इसके बाद से वह वापस नहीं आ रही थी। बड़े भाई से उसका संपत्ति को लेकर भी विवाद चल रहा था। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे वह अपने घर पर था। उसने निजी कंपनी में काम करने वाले दोस्त को फोन करके बताया कि अब जीने की इच्छा नहीं रह गई।
यह सुनकर उसका दोस्त घबरा उठा। उसने मोहनीश को समझाने की कोशिश की लेकिन, मोहनीश ने गुडबॉय कहकर फोन काट दिया। उसका दोस्त तुरंत मोहनीश के घर की ओर दौड़ा। करीब 15 मिनट बाद जब तक वह उसके घर पहुंचा तो वह अंदर फंदे से लटका हुआ था। यह देखकर उसने शोर मचाया। परिवार के लोग भी बाहर आ गए। सूचना मिलते ही बड़ागांव गेट चौकी प्रभारी अंकित पवार भी जा पहुंचे। उन्होंने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
