
करबन नदी की पटरी कटने से खेतों में भरा पानी
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13 सितंबर की रात गांव जौहरा के पास करबन नदी की पटरी कट गई। इससे गांव जौहरा, एलमपुरा, भीमनगर सहित चंडौस के करीब 50 किसानों की 300 बीघे फसल जलमग्न हो गई। बाजरा, ईख और धान की फसल में पानी भर गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि करबन नदी की पटरी पहले से कटी थी, उसको आज तक बंद नहीं करवाया गया था। बारिश के पानी के दबाव में पटरी और ज्यादा कट गई। इससे गांव जौहरा निवासी अनिल शर्मा की 10 बीघा धान की फसल ,जगदीश कश्यप का बाजरा व धान, राधेश्याम शर्मा का 12 बीघा बाजरा, भीमनगर निवासी त्रिलोकी व बनवारीलाल का 12 बीघा धान, चंडौस निवासी लोकेश शर्मा का 50 बीघा ईख व धान, गिरीश उपाध्याय का 40 बीघा के करीब धान व बाजरा, भान प्रकाश का 10 बीघा धान, भूपाल सिंह 20 बीघा धान पानी में डूब गया।
इसके साथ ही तुलसी शर्मा बीघा धान, गिरीश शर्मा का 12 बीघा धान, एलमपुरा निवासी मुकेश शर्मा का 5 बीघा धान, पवन शर्मा का 6 बीघा धान सहित अन्य किसानों की धान व बाजरा की लगभग 300 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई। एसडीएम गभाना विनीत मिश्रा के अनुसार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कटी पटरी बंद करने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही करबन नदी की पटरी को सिंचाई विभाग से बंद करवाया जायेगा।
