लखनऊ। जीएसटी 2.0 सुधार, पंजीयन, समाधान और विभिन्न मुद्दों पर व्यापारियों की राय लेने के लिए शनिवार को प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी चौहान रतन की अगुवाई में मीराबाई मार्ग स्थित राज्यकर के क्षेत्रीय कार्यालय में व्यापारी संवाद कार्यक्रम हुआ। व्यापारियों ने ईवे बिल, अनर्गल नोटिस समेत तमाम मुद्दे उठाए। इस पर प्रमुख सचिव ने त्वरित और प्रभावी समाधान का भरोसा दिया।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि ऐसी बैठकें खंड स्तर पर हो सकें तो व्यापारियों का पंजीकरण बढ़ने के साथ साथ भ्रष्टाचार पर नकेल भी कसी जा सकेगी। जीएसटी में अनावश्यक नोटिस भेजने की प्रक्रिया और भाषा तत्काल बदली जाए। बिल में तकनीकी त्रुटि होने पर गाड़ी न रोकी जाए और न ही ब्याज या पेनाल्टी लगाई जाए। ईवे बिल को बढ़ाने की समय सीमा में बदलाव हो। व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लाई जाए, वरिष्ठ व्यापारियों को पेंशन योजना का लाभ मिले। हैंडीक्राफ्ट समेत विभिन्न स्लैब में आ रही दिक्कतों को प्रमुख सचिव ने जीएसटी काउंसिल तक पहुंचाने की बात स्वीकार की। भूतनाथ व्यापार मंडल से देवेंद्र गुप्ता, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल से अध्यक्ष अमरनाथ अग्रवाल, महामंत्री योगेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष धर्मपाल अग्रवाल, भारतीय उद्योग किसान व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
वैध मांगों का हो समयबद्ध निस्तारण
प्रमुख सचिव कामिनी चौहान रतन ने कहा कि विभाग व्यापारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रूप से चलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों की वैध मांगों व समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हो। राज्य कर विभाग की ओर से आईएएस व प्रभारी अपर आयुक्त ग्रेड -1 जोन प्रथम धनंजय शुक्ला, अपर आयुक्त ग्रेड -1 जोन द्वितीय बृजेश मिश्रा मौजूद रहे। संचालन संयुक्त आयुक्त (कार्यपालक) राज्यकर नीरज सिंह ने किया।

प्रमुख सचिव राज्य कर कामिनी चौहान रतन की अगुवाई में मीराबाई मार्ग स्थित राज्यकर के क्षेत्रीय क
