आगरा के थाना जगदीशपुरा के लक्ष्मी नगर में मंगलवार तड़के परचून व्यापारी प्रमोद अग्रवाल के घर में चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी में दो धमाकों के बाद भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आकर कमरे में सो रहे व्यापारी के पिता भगवती प्रसाद (95) और मां उर्मिला देवी (85) जिंदा जल गईं। वहीं बेटी काव्या किसी तरह बचकर भाग निकली। घटना के बाद पहली मंजिल पर रहे व्यापारी, उनकी पत्नी और बेटे ने पड़ोसी की छत पर कूदकर जान बचाई। आग लगने पर पड़ोसियों ने सबमर्सिबल पंप से पानी चलाकर आधे घंटे में आग पर काबू पाया।
घटना तड़के चार बजे की है। प्रमोद अग्रवाल का दो मंजिला मकान है। वह घर के पास ही परचून की दुकान चलाते हैं। प्रमोद ने बताया कि बेटी काव्या (18) बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा है। वह स्कूटी से काॅलेज जाती है। उन्होंने रात एक बजे स्कूटी को कमरे में चार्जिंग पर लगा दिया। पास ही पिता भगवती प्रसाद और मां उर्मिला देवी बेड पर सो रह थे। काव्या फोल्डिंग पर सो रही थी।

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मृतक बुजुर्ग का फाइल फोटो
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प्रमोद अपनी पत्नी सुषमा, बेटे अनमोल और मोहित के साथ मकान की पहली मंजिल पर बने कमरे में सो रहे थे। अचानक उन्होंने भूतल पर मां-पिता की चीखपुकार सुनी, तो सभी जाग गए। भूतल से धुआं निकल रहा था। उन्होंने सीढि़यों से नीचे आने का प्रयास किया मगर सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बाद में वह पड़ोसी रिंकू के घर की छत पर कूद गए। उसके घर से अपने घर के बाहर आ गए।

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वृद्धा का फाइल फोटो
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काव्या किसी तरह जान बचाकर छत पर आ गई। प्रमोद ने मीटर से बिजली काट दी। इसके बाद हथौड़े से मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर गए। वहीं पड़ोसियों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर आगर पर काबू पाया। वह माता-पिता को बाहर निकालकर अस्पताल ले गए मगर भगवती प्रसाद (95) की जलने की वजह से माैत हो चुकी थी। वहीं उर्मिला देवी (85) ने इलाज के दाैरान एसएन मेडिकल काॅलेज की इमरजेंसी में डेढ़ घंटे बाद दम तोड़ दिया।

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स्कूटी में धमाका
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दो दिन बाद खाली करना था मकान
लक्ष्मी नगर निवासी भगवती प्रसाद के तीन बेटे विजय, रामेश्वर और प्रमोद अग्रवाल हैं। विजय मथुरा और रामेश्वर बिचपुरी में रहते हैं। भगवती प्रसाद कुछ दिन से रामेश्वर के साथ रह रहे थे। दो दिन पहले ही प्रमोद के पास रहने आए थे। बाद में बड़े बेटे विजय के पास जाने वाले थे। उधर, प्रमोद ने लक्ष्मीनगर वाला मकान हाल में ही बेच दिया था। अपने बड़े भाई रामेश्वर के पास बिचपुरी में मकान का निर्माण करा रहे थे। लिंटर का काम अधूरा होने की वजह से समय लग रहा था। दो दिन बाद खाली कर जाने वाले थे। उससे पहले ही हादसा हो गया। माता-पिता की जान चली गई।

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ओवरचार्जिंग से हादसे की आशंका
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ओवरचार्जिंग से हादसे की आशंका
संभागीय परिवहन विभाग के आरआई सतेंद्र कुमार ने बताया कि ई-स्कूटी में लीथियम और लेड बैटरी का प्रयोग किया जाता है। कंपनी की स्कूटी में लीथियम बैटरी होती है। यह ज्यादा चलती है। इसमें चार्जिंग भी अधिक होती है। सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक होती है। बैटरी को चार्ज करने के लिए कंपनी की ओर से निश्चित समय दिया जाता है। अगर इस समय से अधिक चार्ज किया जाता है तो बैटरी में ऑटोकट लगा होता है। इसके साथ ही बीप की आवाज भी आने लगती है। कई बार ऑटोकट होने की वजह से बैटरी ओवरहीटिंग का शिकार हो जाती है। इससे वह धमाके के साथ फट सकती है। स्कूटी में आग लग जाती है। इस मामले में भी ऑटोकट खराब होने की वजह से ही हादसे की आशंका है।
