संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। रेलवे की ओर से कराए जा रहे विकास कार्य कब पूरे होंगे, फिलहाल कोई भी यह नहीं बता पा रहा है। हालांकि, रेलवे का दावा यह जरूर है कि इससे यात्रियों को सुविधा होगी और ट्रेनों का संचालन भी सुधरेगा। लेकिन, वर्तमान में यह विकास कार्य यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। वंदे भारत, शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनें घंटों की देरी से आ रही हैं।
भारतीय रेल में पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक कहीं तीसरी, कहीं चौथी और कहीं दूसरी लाइन बिछाई जा रही है। वहीं, कई मंडलों में इंटरलॉकिंग कार्य भी हो रहे हैं। ऐसा ही कार्य दिल्ली मंडल के पलवल में किया जा रहा है। इस कार्य के चलते दिल्ली से आने और दिल्ली जाने वालीं रेल गाड़ियों की रफ्तार का उदाहरण बैलगाड़ी जैसा हो गया है। राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत समेत अन्य एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें दो से लेकर 9 घंटे तक की देरी से पहुंच रही हैं। पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि विकास कार्यों के चलते ऐसी स्थिति बनी है, जल्दी ही व्यवस्थाएं ठीक हो जाएंगी।
ये ट्रेनें इतनी देरी से आईं
छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 9 घंटे।
डॉ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस 8 घंटे।
सचखंड एक्सप्रेस 8 घंटे।
तेलंगाना एक्सप्रेस 6 घंटे।
भोपाल एक्सप्रेस 5 घंटे।
एपी एक्सप्रेस 5 घंटे।
केरला एक्सप्रेस 5 घंटे।
हैदराबाद एक्सप्रेस 5 घंटे।
हुबली एक्सप्रेस 5 घंटे।
जीटी एक्सप्रेस 4.30 घंटे।
झेलम एक्सप्रेस 4 घंटे।
मदुरै एक्सप्रेस 4 घंटे।
अंडमान एक्सप्रेस 4 घंटे।
गोवा एक्सप्रेस 4 घंटे।
सिकंदराबाद एक्सप्रेस 3.30 घंटे।
पंजाब मेल एक्सप्रेस 3.30 घंटे।
