
सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब के शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के कारण एक महीने से 80 ट्रेनों का संचालन गड़बड़ाया हुआ है। इससे बरेली के यात्रियों के लिए जम्मू कश्मीर जाना किसी मुसीबत से कम नहीं। कई लोग जो हर साल गर्मी की छुट्टियों में माता वैष्णो देवी के दरबार में जाते हैं, इस बार हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
जिन्होंने पहले टिकट बुक करा लिए थे, अब ट्रेनों की बिगड़ी चाल देखकर उसे निरस्त करा रहे हैं। कुछ लोग इसका विकल्प तलाश रहे हैं। ट्रेनों के डायवर्ट और शॉर्ट टर्मिनेट किए जाने से मुरादाबाद मंडल में रेलवे को रोजाना आठ लाख रुपये का चूना लग रहा है। बृहस्पतिवार को फिर 24 ट्रेनों को 19 मई तक डायवर्ट और तीन ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट कर दिया गया।
किसान आंदोलन के कारण बरेली से अंबाला, लुधियाना, जालंधर, पठानकोट, कठुआ, अमृतसर, चंडीगढ़, बठिंडा, जम्मू जाने वाले यात्रियों की समस्या खत्म नहीं हो रही। बरेली जंक्शन से इन स्थानों के लिए टिकटों की बिक्री घटी है। जम्मू, वैष्णो देवी कटड़ा जाने वाली ट्रेनों में एडवांस बुकिंग थम सी गई है। अन्य रूटों की ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
इस कारण फास्ट, सुफरफास्ट के अलावा विशेष ट्रेनें भी यात्रियों को 10-12 घंटे तक इंतजार करा रही हैं। बरेली से पंजाब और जम्मू की ओर जाने वाली ट्रेनों को जाखल-धूरी जंक्शन-लुधियाना के अलावा सानेहवाल-चंडीगढ़-अंबाला कैंट और अंबाला कैंट-चंड़ीगढ़-न्यू मोरिंडा-सरहिंद-सानेहवाल के रास्ते चलाया जा रहा है।
