
एल्गिन ब्रिज।
– फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
तकरीबन 127 साल पहले पूर्वोत्तर रेलवे ( बंगाल एंड नार्थ वेस्टर्न) में अंग्रेजों ने दो नदियों पर रेल ब्रिज बनाने के लिए पहली बार एक अद्भुत प्रयोग किया था।
घाघरा और कोसी (चौका) नदी के बीच दो पुल की जगह एक पुल बनाकर ट्रेन दौड़ा दी थी। इसके लिए पहले रेत पर पुल बनाया गया और बाद में नदी की धारा को पांच किलोमीटर पहले मोड़ दिया गया।
पूर्वोत्तर रेलवे की प्रकाशित नई पुस्तक छोटी लाइन
ए जर्नी ऑफ ट्रांसफार्मेशन में इंजीनियरिंग के इस प्रयोग का जिक्र किया गया है। इस पुस्तक का निर्देशन पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने किया है। इसमें 1875 से 2023 तक रेलवे के इतिहास का जिक्र है। इसी में एक अध्याय ब्रिज पर है। इसमें एल्गिन ब्रिज के निर्माण को लेकर रोचक पहलुओं का जिक्र है।
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