नया साल नजदीक है। बच्चों के स्कूलों की छुट्टियां चल रही हैं। ऐसे में अगर लंबी दूरी और ज्यादा दिनों का वैकेशन प्लान नहीं कर सकते तो आस-पास भी अनेक ऐसे स्थान हैं, जहां आप दो-तीन दिन के ट्रिप में घूमने का भरपूर मजा ले सकते हैं। सोलो ट्रेवलिंग से लेकर कपल और फैमिली तक सबके मनोरंजन के लिए बहुत कुछ मिलेगा।
अलवर: राजस्थान का अलवर आगरा से करीब 150 किलोमीटर दूर है। यहां भानगढ़ फोर्ट, म्यूजियम, हेरिटेज हेरलिस व सरिस्का टाइगर रिजर्व सैलानियों के बीच प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल हैं। भानगढ़ को देश के सबसे डरावनी जगहों में से एक माना जाता है। यहां स्थित आभानेरी चांद बावड़ी के लिए प्रसिद्ध है। इसके पास ही 8वीं शताब्दी में बना हर्षद माता का मंदिर भी श्रद्धालुओं और सैलानियों को लुभाता है।

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लोहागढ़ फोर्ट
– फोटो : अमर उजाला
भरतपुर: यह शहर ईस्टर्न गेटवे ऑफ राजस्थान कहलाता है। आगरा से करीब 60 किलोमीटर के दायरे में स्थित इस शहर में लोहागढ़ फोर्ट, लक्ष्मण मंदिर, गंगा महारानी मंदिर, भरतपुर म्यूजियम व किशोरी महल घूम सकते हैं। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में देसी-विदेशी पक्षियों का सर्दी के मौसम में डेरा लगता है। इसके अलावा यहां से कुछ दूरी पर डीग महल, किला और हवेलियों की खूबसूरती देख चकित रह जाएंगे।

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ओरछा
– फोटो : अमर उजाला
ओरछा: मध्यप्रदेश के निवाड़ी जिले में स्थित ओरछा प्रकृति के सानिध्य में बसा बेहद रमणीक स्थल है। पूरे देश में एक यही स्थान है जहां राम राजा के रूप में प्रतिष्ठित हैं और उन्हें प्रतिदिन गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। बेतवा नदी किनारे इस शहर में जहांगीर का महल, चतुर्भुज मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, राजा का महल में वास्तुकला के बेहतरीन नजारे देखने को मिलेंगे। इसके अलावा यहां पर लुप्त प्राय गिद्धों को भी देख सकते हैं।

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रणथंबौर
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रणथंबौर: प्रकृति के नजारे और वन्य जीवों को देखने का शौक है तो रणथंबौर से बेहतर कोई स्थान नहीं हो सकता है। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित यह स्थान टाइगर हेवन के नाम से जाना जाता है। यहां बाघों के साथ-साथ विविध जंगली जानवर जैसे तेंदुआ, भालू्, हिरण, जंगली सूअर, मगरमच्छ के साथ 300 प्रजाति के जीव-जंतु हैं। इसके अलावा किला और 10 जोन ने बंटी सफारी को देखने का अनुभव अनूठा है।

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औली
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
औली और चोपता: बर्फ से ढकी चोटियां और जोशीमठ से चलने वाली विश्वस्तरीय रोपवे के साथ औली रोमांच पर्यटन प्रेमियों के लिए स्वर्ग जैसा स्थल है। यहां स्कीइंग, केबल कार, राइड्स और सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां से आगे बढ़ने पर केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य में बसा शांत गांव चोपता दुनिया के सबसे ऊंचे शिव मंदिर तुंगनाथ का आधार स्थल है। सर्दियों में यहां बर्फ से ढके ट्रेकिंग ट्रेल्स दिव्य और सौंदर्य का अनुभव कराती है।
