अलीगढ़ शहर के एक कारोबारी को बिजली विभाग से मिल तो 2.82 लाख रुपये का मिला, लेकिन उन्होंने गलती से 28 लाख रुपये बिजली महकमे को जमा करा दिए। गलती का अहसास होने पर अब वह बकाया राशि लेने के लिए जूझ रहे हैं।

तालानगरी के हार्डवेयर कारोबारी हर्षित अग्रवाल की दो फैक्टरियां हैं। जून महीने में उनकी एक फैक्टरी का बिजली का बिल लगभग 2.82 लाख रुपये आया था। गलती से उन्होंने बिजली विभाग के खाते में 28 लाख रुपये जमा कर दिए। जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत बिजली विभाग से लेकर पावर कॉरपोरेशन तक की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्सईएन तृतीय योगेश कुमार ने जांच की और पाया कि कारोबारी का दावा सही है। यह मामला उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तक भी पहुंचा। अध्यक्ष ने मुख्य अभियंता को इस मामले को सुलझाने का आदेश दिया। मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल ने एक्सईएन योगेश कुमार को निर्देश दिया कि कारोबारी की दूसरी फैक्टरी के बिल में इस अतिरिक्त राशि को ट्रांसफर कर दिया जाए।

हालांकि दो महीने बीत जाने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर कारोबारी ने एक बार फिर से कॉरपोरेशन के चेयरमैन से शिकायत की। इसके बाद चेयरमैन ने अधीनस्थ अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तीन दिन के भीतर मामले का निपटारा करने का सख्त आदेश दिया है। हर्षित अग्रवाल ने बताया कि उनकी यूपीपीसीएल के चेयरमैन से बात हुई है। उन्होंने गलती से जमा हुई राशि को वापस लौटाने का आश्वासन दिया है।


कारोबारी के जून माह का बिल अधिक जमा होने का मामला है। मामला ग्रामीण वितरण खंड तृतीय का है। इसका निस्तारण जल्द ही कर दिया जाएगा।-पंकज अग्रवाल, मुख्य अभियंता, बिजली निगम




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