यूपी की राजधानी लखनऊ में कोर्ट में पेशी पर ले जाने के दौरान सीरियल किलर सलीम और उसके साथ आदर्श को भगाने वाले सिपाही परवेज आलम व योगेंद्र को सीजेएम हृषीकेश पांडेय ने दोषी ठहराया। कोर्ट ने अभिरक्षा से भागने के दोषी बंदी सलीम उर्फ इमरान को भी सजा सुनाई है। सिपाही परवेज आलम, योगेंद्र और बंदी सलीम को दो-दो साल की कैद और 1500-1500 रुपये के जुर्माने से दंडित किया। वहीं, दूसरे बंदी आदर्श की पत्रावली अलग कर दी गई है।

Trending Videos

कोर्ट में सरकारी वकील ने बताया कि पुलिस लाइन में तैनात रहे सिपाही सुंदर लाल ने वजीरगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके मुताबिक 10 अक्तूबर 2006 को सिपाही परवेज आलम और योगेंद्र ने वादी को दो मुलजिमों सलीम और आदर्श को कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी दी। बताया गया कि वादी सुंदर लाल दोनों बंदी सलीम और आदर्श को लेकर दूसरे तल स्थित कोर्ट के सामने गया, वहां थोड़ी देर बाद सिपाही परवेज आलम और योगेंद्र आ गए।

यह भी पढ़ेंः- UP: ईद पर 30 व 31 को लखनऊ में लागू रहेंगे 27 रूट डायवर्जन, प्लान देखकर ही घर से निकलें; यहां देखें पूरा अपडेट

वादी ने वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई

वादी से कहा कि सिपाही अजीत सिंह अभी तक अन्य बंदी रुस्तम की पेशी कराकर नहीं आए हैं। जाओ, उन्हें बुला लाओ तब तक वह दोनों सुंदर लाल के मुलजिमों को देखेंगे। जब वादी सिपाही अजीत सिंह को बुलाकर वापस दूसरी मंजिल पर पहुंचा तो परवेज और योगेंद्र मौजूद थे, लेकिन दोनों बंदी गायब थे। वादी ने बंदियों के विषय में पूछा तो परवेज ने बताया कि दोनों बंदी घूमने गए हैं। चार बजे तक आ जाएंगे। कहा गया कि चार बजे तक दोनों बंदी वापस नहीं आए। इस पर वादी ने वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें