अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बृहस्पतिवार को मोर्चरी में रखे बॉक्स में एक शव के ऊपर दूसरा शव रखे जाने से मृतक के परिजन बिफर गए। हालांकि, बाद में समझाइश के बाद वे शांत हो गए। बता दें कि मोर्चरी में इससे पहले भी शवों की बेकद्री के मामले सामने आ चुके हैं।
मोंठ थाना क्षेत्र के ग्राम गोपुरा निवासी राघवेंद्र सिंह यादव (34) के साढ़ू की बेटी बुधवार की दोपहर उरई से आ रही थी। राघवेंद्र बाइक से उसे लेने पूंछ की ओर जा रहे थे। पूंछ फतेहपुर ओवरब्रिज पर अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक डिवाइडर से टकराई और राघवेंद्र ओवरब्रिज से लगभग 50 फीट नीचे आ गिरे।
उन्हें आनन-फानन मोंठ सीएचसी लाया गया। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के चचेरे भाई विवेक यादव ने बताया कि बुधवार को राघवेंद्र के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया था। ऐसे में शव को मोर्चरी में रखे लोहे के बॉक्स में रखवा दिया गया था। बॉक्स में अपने पैसों से बर्फ लाकर लगाई थी। इसके बाद सभी चले गए थे। बृहस्पतिवार की सुबह बॉक्स खोला तो उसमें ऊपर-नीचे दो लाश रखी थीं। यह बहुत बड़ी लापरवाही है। हमें अंतिम संस्कार जल्द करना था, इसलिए हमने किसी से शिकायत नहीं की।
वहीं, मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सचिन माहौर का कहना है कि मोर्चरी में एक बॉक्स में दो शव रखने का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। इसके अलावा किसी ने शिकायत भी नहीं की है।
बता दें कि राघवेंद्र की मौत के बाद से परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है। मृतक के दो बेटियां 12 साल की अनुप्रिया और पांच साल की अनवी हैं। पत्नी दीप्ति रो-रोकर बार-बार बेसुध हो जा रही है।
