
सीएमओ निजी अस्पताल में जांच पड़ताल करते हुए
जगदीशपुर (अमेठी)। एक निजी अस्पताल में रविवार को दो नवजात शिशुओं की मौत होने से हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया। हालांकि दोनों पीड़ितों ने लिखित रूप से शिकायत नहीं की है। सीएमओ ने मौके पर जाकर जांच की, लेकिन प्रथमदृष्टया उन्हें इलाज में कोई लापरवाही नहीं मिली है। पाया गया कि सांस लेने में दिक्कत व दिल की धड़कन कम होने का मामला आया है। इस मामले में अलग से जांच कराई जा रही है। बाराबंकी जिले के सुबेहा इलाके के सफदरपुर निवासी आफाक की पत्नी सुमैला की डिलीवरी होनी थी। 10 अप्रैल को कमरौली इलाके में एक सेवानिवृत्त एएनएम के यहां संचालित सेंटर पर प्रसव के लिए ले जाया गया था। डिलीवरी के बाद जन्मे बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसे औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी अस्पताल भेजा गया। भर्ती करने के बाद तीन दिन बच्चे को वेंटीलेटर पर रखा गया, लेकिन हालत में सुधार होने के बजाय रविवार को शिशु की मौत हो गई। परिवार के लोग इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई।
सोशल मीडिया पर भी मामला वायरल हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित जिम्मेदारों को जांच के लिए भेजा। सीएमओ और पुलिस टीम ने जांच की। परिवार के लोग नवजात के शव को लेकर बाराबंकी चले गए। मुंबई में प्रसूता के आए पति आफाक ने कहा कि नवजात को सुपुर्देखाक करने के बाद मामले में कार्रवाई करेंगे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई शिकायत नहीं की है।
दूसरी घटना भी इसी अस्पताल में हुई है। बाजार शुकुल के फाजिलपुर निवासी तीरथ मौर्या उर्फ आदेश की पत्नी अंजलि का प्रसव होना था। परिवार के लोग 13 अप्रैल को प्रसव के लिए सिंहपुर सीएचसी ले गए। चिकित्सकों ने ऑपरेशन बात कहते हुए रेफर कर दिया। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। प्रसव के बाद जन्मे नवजात की हालत बिगड़ गई। जिससे उसकी रविवार की सुबह मौत हो गई। परिवार के लोग प्रसूता व नवजात के शव को लेकर घर चले गए। समाचार लिखे जाने तक कोई शिकायत नहीं की है।
सीएमओ अंशुमान सिंह ने बताया कि निजी अस्पताल पहुंच कर जांच की गई। पता चला कि बाराबंकी की महिला का प्रसव एक सेवानिवृत्त एएनएम ने अपने घर पर कराया था। वहां पहुंचे तो प्रसव कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन वहां इलाज से संबंधित कुछ उपकरण व संसाधन मिले थे। निजी अस्पताल में जांच करने पर पता चला कि प्रथम दृष्टया इलाज में लापरवाही नहीं हुई है। वेंटीलेटर पर भी कई दिन रखा गया था। कुछ ऐसा ही हाल मृत हुए दूसरे बच्चे का भी था। फिर भी टीम बना कर मामले की जांच कराएंगे। सेवानिवृत्त एएनएम के इलाज करने के मामले की भी जांच कराई जाएगी। कमरौली थाना अध्यक्ष अभिनेष कुमार ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की गई है। अभी तक किसी की कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
… तो घर में इलाज करती हैं रिटायर्ड एएनएम
कमरौली इलाके में एक सेवानिवृत्त एएनएम अपने घर पर सेंटर चला कर प्रसूताओं सहित महिलाओं का अन्य बीमारी का इलाज करती है। बाराबंकी की महिला की डिलीवरी कराने के बाद हुई घटना के मामले में सीएमओ ने जांच की तो मामला प्रकाश में आया है। बताते हैं कि एएनएम के घर प्रसव कराने में काम आने वाले उपकरण, दवाएं व अन्य सामग्री मिली है। सीएमओ जांच करने पहुंचे, तब भी वहां एक महिला इलाज के लिए बैठी थी। एएनएम गायब थी, उसके घर के सदस्य मौजूद थे। उन्हें चेतावनी भी दी गई है।
