
हाथरस जिला अस्पताल
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कड़ाके की सर्दी में निमोनिया बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। 13 जनवरी को जिले के अलग-अलग स्थानों पर निमोनिया की चपेट में आने से एक बच्ची सहित दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। दोनों की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए बागला जिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सिकंदराराऊ निवासी सुरेश कुमार के 10 माह के बेटे मयंक की कुछ दिन से तबीयत खराब चल रही थी। उसे निमोनिया की शिकायत थी। इस परिजनों द्वारा उसका नजदीकी चिकित्सक से इलाज कराया था। शनिवार की सुबह उसकी एकाएक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन परिजन उसे इलाज के लिए शहर के बागला जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर, कोतवाली हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव नगला खरग निवासी डेड़ महीने की राधा पुत्री मुकेश कई दिनों से तबीयत खराब चल रही थी। उसे भी सर्दी, जुकाम और सांस लेने में परेशानी थी। शनिवार को उसकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे भी इलाज के लिए बागला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। रोते-बिलखते हुए परिजन शव को गांव ले गए। दोनों बच्चों के परिजन अस्पताल में ही करुण क्रंदन करने लगे।
अब तक 11 बच्चों की जा चुकी है जान
हाथरस में ठंड के बढ़ने के साथ निमोनिया के कहर ने पिछले एक पखवाड़े में जिले में करीब 11 बच्चों की लान ले ली है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग निमोनिया से किसी भी मौत की बात को स्वीकार नहीं कर रहा है।
