इटावा। पुरुष जिला अस्पताल की इमरजेंसी में करीब 14 दिन पहले एक्सपायर्ड इंजेक्शन मिले थे। सीएमएस डा. पारितोष शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएमएस ने बड़ी लापरवाही पर दोनों फार्मासिस्टों एक दिन का वेतन काट उनको इमरजेंसी से हटा दिया है। दोबारा गलती करने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बता दें कि अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। जांच टीम में वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. महेश चंद्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शादाब आलम व चीफ फार्मासिस्ट यतेंद्र कुमार को नामित किया गया था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इमरजेंसी तैनात फार्मासिस्ट हरिबाबू व शरद तिवारी का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्हें इमरजेंसी से हटाकर उन्हें ओपीडी में भेजा गया।
इसमें हरिबाबू की जगह अरविंद पाल व शरद तिवारी की जगह दिनेश प्रजापति को इमरजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही दोनों को निर्देश दिए गए है कि इस तरह ही लापरवाही दोबारा न की जाए। दोबारा गलती होने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
