{“_id”:”6716cab2e772fc206e06f404″,”slug”:”two-tractors-collided-to-save-cattle-21-people-injured-orai-news-c-224-1-ori1005-121249-2024-10-22″,”type”:”story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”Jalaun News: मवेशी बचाने में भिड़े दो ट्रैक्टर, 21 लोग घायल”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
मुहम्मदाबाद/उरई (जालौन)। सड़क पर अचानक मवेशी आने से ओवरटेक कर रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गया। इसके बाद मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गई। हादसे में 21 लोग घायल हो गए। चीख पुकार सुनकर दौड़े लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी को मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां दो की हालत गंभीर बनी है। सीओ ने बताया कि सभी का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। ट्रैक्टर में तीस मजदूर सवार थे।
डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली गांव निवासी राजबहादुर के खेत में मूंगफली की फसल की खुदाई होनी थी। इस पर सोमवार को ट्रैक्टर-ट्राली से तीस मजदूर खेत की ओर जा रहे थे। तभी पीछे से ट्रैक्टर में अल्टीनेटर लगाए दूसरा चालक भी आ रहा था। तभी वह आगे निकलने के चक्कर में ओवरटेक करने लगा, वह आगे बढ़ा ही था कि अचानक अन्ना मवेशी ट्रैक्टर के सामने आ गया। मवेशी को बचाने के टक्कर में चालक ने ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रहा मजदूरों से भरा ट्रैक्टर ट्राली अल्टीनेटर में टकरा गया।
इससे ट्राली अनियंत्रित होकर खंदक में पलट गई। हादसे में बंधौली गांव निवासी शिवकुमारी (35), मामली (46), मुन्नीदेवी (33), श्यामा (32), पूजा (21), रामवती (30), बंदी (50), अर्चना (16), जयकुंवर (18), रजनी (17), परवीन (20), बरिया (50), हरबी (35), फूलारानी (50),कृपाल (50), सुघर सिंह (45), धनवंती (60), गुलशन (45), कुसमारानी (45), सरोज (32), देववती (45) घायल हो गईं। हादसे से चीखपुकार मच गई। सूचना पर पहुंची डकोर कोतवाली पुलिस ने सभी घायलों को मेडिकल कालेज पहुंचाया। जहां दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सीओ उमेश कुमार पांडेय ने बताया कि अचानक मवेशी आ जाने से हादसा हुआ है। घायलों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
रोक के बाद भी मालवाहक वाहनों से ढो रहे सवारियां
उरई। जिले में हादसों के बाद भी एआरटीओ विभाग नहीं चेत रहा है। इससे आए दिन हादसे देखने के मिल रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही से ही लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। शासन ने मालवाहक वाहनों से सवारियां ढोने वाले वाहनों के परमिट निरस्त कर चालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इसके बाद भी सड़कों पर दर्जनों की संख्या में वाहन सवारियों को बैठाकर निकल रहे हैं। लोगों का कहना है कि गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। (संवाद)
