उरई। मारपीट कर जान से मारने की धमकी व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में दो को कोर्ट ने दो -दो वर्ष को कैद सुनवाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
सिरसा कलार निवासी देवेंद्र कुमार ने कुठौंद थाना में 28 दिसंबर 2017 को तहरीर दी थी। बताया था कि वह अपनी मारुति वैन लेकर इटावा के सहसो थाना क्षेत्र में गया था। शाम तीन बजे वह कुठौंद लौट कर आया तो उसने गाड़ी माधौगढ़ चौराहे पर रोक दी। कुछ देर बाद कौंधने निवासी पिंटू व पिंकू महंत, आकाश तिवारी व ललुआ अवस्थी आए और कहा कि हम लोगों को औरैया छोड़ दो। उसने कहा कि उसके पास सवारी है, वह नहीं जा पाएगा। इस पर चारों लोगों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसके साथ मारपीट की।
वह चिल्लाया तो आसपास के लोगों को आता देख मारपीट करने वाले भाग गए। पुलिस ने पिंटू व पिंकू महंत, आकाश तिवारी व ललुआ अवस्थी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में 20 जून 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे। शुक्रवार को आठ साल पुराने मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी – एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने आकाश तिवारी और ललुआ अवस्थी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
