बुधवार को छात्रों ने पहले प्रशासनिक भवन को बंद करवाया। इसके बाद परिसर के संकायों में पहुंचकर जिन जगहों पर कक्षाएं चल रही थीं, वहां से छात्रों को बाहर निकाल कर उसको भी बंद कराया गया। इसके बाद मानविकी संकाय में पहुंचकर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों की विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों से नोकझोंक भी हुई।
योगेंद्र सिंह डिंपल, प्रशांत राय, गौरव सिंह, शिवम तिवारी, अंकुर तिवारी, निखिल चौबे ने कहा कि यूजीसी के नए नियम सवर्ण छात्र विरोधी हैं। इसको तत्काल वापस लेना चाहिए। उधर, राष्ट्रीय हिंदू दल संगठन ने सवर्ण सांसदों को डाकघर के माध्यम से चूड़ियां भेजीं और खून से प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा।
संगठन के अध्यक्ष रोशन पांडेय ने कहा कि यूजीसी का नया नियम सवर्ण जातियों पर सर्जिकल स्ट्राइक है। राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग के उपाध्यक्ष संतोष द्विवेदी पप्पू ने कहा कि सवर्ण समाज को मिटाने का काम किया जा रहा है। राहुल सोनकर, राजेश चौहान, दीपक केशरी ने इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।




