जसवंतनगर। शादी के बाद देवी पूजन से लौट रहे परिवार की बेकाबू कार आगे जा रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार मामा-भांजे की मौत हो गई जबकि दूल्हा दुल्हन समेत पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सोमवार तड़के इटावा-आगरा हाईवे पर जौनई के पास हुआ। मरने वाले रिश्ते में मामा-भांजे थे।
एक परिवार में शहनाई की खुशियों के तीसरे दिन मातम का सन्नाटा पसर गया। शादी कार्यक्रम के बाद दिल्ली से आया परिवार हमीरपुर के अपने पैतृक गांव से पूजन कर कार से लौट रहा था। तभी हाईवे पर गुजरात चावल लेकर जा रहे ट्रक में कार पीछे से जा घुस गई और आगे बैठे दूल्हे के पिता और कार चला रहे फुफेरे भाई की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों के शवों को निकालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
मूल रूप से हमीरपुर के सरीला क्षेत्र के इस्लामपुर गांव निवासी चेतराम (62) परिवार के साथ दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में रहते थे। बीती शनिवार को दिल्ली में ही उनके छोटे बेटे राजेंद्र की शादी हुई थी। रविवार को वह कुल देवी पूजन के लिए परिवार सहित अपने पैतृक गांव इस्लामपुर आए थे। पूजन के बाद वह देर रात पत्नी गिरिजा देवी (60), बेटे राजेश (29), उनकी पत्नी अंजलि (26) और नई पुत्र वधु रेशमा देवी (22) व बेटे राजेंद्र (26) के अलावा भांजे जालौन निवासी सुखवासी के साथ कार से दिल्ली लौट रहे थे। सोमवार तड़के करीब तीन बजे उनकी कार इटावा से आगरा जाने वाली सड़क पर जौनई चौकी के पास एक पेट्रोल पंप के सामने पहुंची ही थी कि तभी बेकाबू होकर आगे चल रहे चावल लदे ट्रक में जा घुसी।
हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा ट्रक में फंस गया। इससे कार चला रहे सुखवासी और उनकी साइड वाली सीट पर बैठे चेतराम बुरी तरह फंस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रिश्ते में मामा-भांजे थे। उनके शवों को मशक्कत के बाद निकाला जा सका। हादसे के बाद घटनास्थल पर जाम लगने लगा। सूचना पर पुलिस भी वहां पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक कमल भाटी ने बताया कि घायल गिरिजा देवी, राजेश, राजेंद्र, रेशमा देवी, अंजलि को कार से निकाला गया और उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया। इसके बाद जाम भी हटवाया गया। घायलों को सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। पुलिस ने बताया कि सुखवासी प्राइवेट कार चालक था जबकि चेतराम के बेटे दिल्ली में पुताई का काम करते थे।
पुलिस को घायलों ने बताया कि हादसे से करीब एक घंटे पहले ही राजेंद्र ने ड्राइविंग सीट छोड़ी थी और वह पीछे आकर बैठ गए थे। उनकी जगह उनके फुफेरे भाई सुखवासी ने सीट संभाल ली थी। इस कारण हादसे में सुखवासी की जान चली गई।
चेतराम के बड़े बेटे राजेश ने बताया कि पेट्रोल पंप पर सीएनजी भरवाई और सभी ने बैठकर चाय पी। इसके बाद सुखवासी ने चालक बदलने का सुझाव दिया और खुद कार चलाने के लिए ड्राइविंग सीट पर आ गए। राजेंद्र पीछे आकर बैठ गए थे।
सुखवासी सालों से कार चला रहे थे। वह कार चालक थे। कभी उनके साथ कोई दुर्घटना नहीं हुई फिर जाने ऐसी क्या चूक हो गई जो उन्हें काल अपने साथ ले गया। परिवार और रिश्तेदारों के बीच हो रही इन चर्चा में ट्रक चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाना हादसे का कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
