मेरठ में प्रियंका की मौत की गुत्थी कभी सुलझ नहीं पाएगी। यह दावा शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो गया है। अब सिर्फ डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिकएसिड (डीएनए) टेस्ट से इतना पता चल पाएगा कि जो कंकाल मिला है वह प्रियंका का है या नहीं। 

इसके लिए डॉक्टरों ने प्रियंका के सिर पर मिले बालों और हड्डी का नमूना लिया है। उसके पिता उदयभानु विश्वास के बालों के नमूने के साथ इनकी जांच निवाड़ी स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला में होगी।




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Meerut Priyanka Biswas Death Case Mystery of Priyanka Death Will Never Be Solved Doctors Post-mortem Claim

पुलिस की गिरफ्त में पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सदर थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला में घर में मिले कंकाल का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया। इनमें डॉ. अनुज कुमार, डॉ. अमित कुमार और डॉ. भावना गुप्ता शामिल थे। पोस्टमॉर्टम करीब 45 मिनट तक चला। 


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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


इस दौरान हड्डियों के ऊपर से नीचे तक छह एक्सरे किए गए, ताकि अगर कहीं कोई चोट के निशान हों तो पता चल सके। लेकिन कहीं चोट का निशान नहीं मिला। पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल डॉ. अनुज ने बताया फोरेंसिक जांच में भी ऐसे मामले में यह पता करना संभव नहीं होता कि मौत कैसे हुई। 


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घर में लड़की का कंकाल मिला
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


ऐसे मामले में तभी मौत का कारण पता चल सकता है जब हड्डी पर चोट के निशान हों। चूंकि शरीर के कोमल ऊतक खत्म हो चुके हैं। अब लड़की के पिता के बयान से ही सच सामने आ सकता है। उन्होंने बताया कि जब कंकाल मिलता है तो मौत का कारण पता लगाने की प्रक्रिया को फॉरेंसिक एंथ्रोपोलॉजी कहा जाता है। 


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घर में लड़की का कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सबसे पहले हड्डियों पर चोट के निशान देखे जाते हैं। अगर हड्डियों पर कटने के निशान हैं तो किस तरह के हैं। कोई धारदार हथियार तो इस्तेमाल नहीं हुआ। फिर देखा जाता है कि अगर हड्डियां टूटी हुई हैं या उनमें दरारें हैं तो यह किसी भारी चीज से प्रहार तो नहीं।




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