मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में नोटिस पाने वाले 3.26 करोड़ मतदाताओं के पक्ष की सुनवाई का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, शत-प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। अंतिम मतदाता सूची में 13.25 करोड़ से ज्यादा नाम होने की संभावना है। यह फाइनल सूची 10 अप्रैल को आएगी।

एसआईआर के तहत अक्तूबर-2025 में फ्रीज की गईं मतदाता सूचियों में 12.55 करोड़ लोगों के नाम शामिल हैं । इनमें से 1.04 करोड़ लोग वे हैं, जिनका वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया था। यानी उनके खुद के नाम या उनके माता- पिता, दादा-दादी और नाना- नानी के नाम से मिलान नहीं हो पाया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से ऐसे लोगों से दस्तावेज मांगे गए। सुनवाई घर के पास होने और परिवार के दूसरे सदस्यों को दस्तावेज लेकर सुनवाई पर भेजने का असर हुआ।

वहीं, तार्किक विसंगति वाले 2.22 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई घर जाकर बीएलओ ने की। जिसमें मतदाता के नाम व पिता के नाम में गड़बड़ी और माता-पिता से उम्र में 15 साल से कम अंतर था। ऐसे में उनके भी बहुत कम नाम कटने की उम्मीद है। लगभग 97 प्रतिशत से अधिक नाम मतदाता सूची में बने रहने की संभावना है।

चुनाव आयोग से मिले आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने को 86.69 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरे गए हैं। मतदाता सूची से नाम काटने के लिए 3.18 लाख फॉर्म-7 भरे गए हैं । इन स्थितियों में संभावना है कि 13.25 करोड़ से अधिक नाम रहने की उम्मीद है ।



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