बरेली में हादसे के बाद अपहरण की गुत्थी तो सुलझ गई, लेकिन पुलिस की पूछताछ में घटनाक्रम की पूरी कहानी अनैतिक संबंधों के मकड़जाल में उलझी नजर आई। मनोज वाल्मीकि ने मनमोहन और उसके परिवार की मदद की। बाद में दोनों मनोज की जान के दुश्मन बन गए।
बंधनमुक्त कराने के बाद पुलिस की पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह टांडा सिकंदरपुर का मूल निवासी है। इसी गांव में मनमोहन कोरी का परिवार रहता था। मनमोहन का पिता नत्थूलाल आपराधिक प्रवृत्ति का है।
गांव के अधिकतर लोग मनमोहन के परिवार से कन्नी काटते हैं। हालांकि, उसके पिता के इस परिवार से संबंध रहे। मनोज ने बताया कि शादी के बाद वह रोजी रोटी की तलाश में गुरुग्राम चला गया था। वहां वह टैक्सी और फिर ऑटो चलाने लगा।
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परिवार संग मनोज
– फोटो : अमर उजाला
मनोज ने बताया कि नत्थूलाल एक केस में फंसा तो कानूनी पैरवी में उसकी बड़ी बहन उसके साथ कोर्ट आने-जाने लगीं। नत्थू ने इसका फायदा उठाकर उनकी बहन को प्रेम प्रसंग में फांस लिया। कई साल से दोनों पति-पत्नी के रूप में रह रहे हैं।
इससे पहले भी नत्थूलाल की दो शादियां हो चुकी थीं। उनके परिवार को ये बेमेल रिश्ता खराब लगा, लेकिन बहन की मर्जी सोचकर खामोश रहे। दोनों परिवार में फिर रिश्ते ठीक हो गए।
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मनोज के परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मनमोहन को घर पर रखा, नौकरी दिलाई
मनोज ने बताया कि वर्ष 2022 में मनमोहन हत्या के मामले में फंसा था। सालभर पहले वह जमानत पर छूटा तो बेरोजगार था। तब उन्होंने तीन महीने तक मनमोहन को अपने घर में रखा। फिर अपनी गारंटी पर उसकी एक पानी प्लांट में टैंकर ड्राइवर की प्रतिमाह 18 हजार रुपये की नौकरी लगवा दी।
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पीड़ित मनोज
– फोटो : अमर उजाला
मनोज ने बताया कि दिन में वह और पत्नी पूजा काम पर चले जाते थे। तब मनमोहन ने उनके घर पर रहने वाली रिश्तेदार लड़की को अपने जाल में फंसा लिया। इसकी जानकारी हुई तो मनोज ने विरोध किया। तब तक मनमोहन को वह नौकरी दिला चुके थे। मनमोहन उस लड़की को लेकर चला गया। उन्हीं की कॉलोनी में दो गली छोड़कर किराये पर रहने लगा था। दोनों अक्सर सामने भी पड़ने से कतराते थे।
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एसपी सिटी मानुष पारीक
– फोटो : अमर उजाला
ईश्वर ने किया इन्साफ : मनोज
बंधनमुक्त हुए मनोज पत्नी और दोनों बच्चों से मिले तो पहले दंपती की आंखें नम हो गईं, फिर सब मुस्कुराने लगे। पूजा ने एसपी सिटी मानुष पारीक से कहा कि वह समझ नहीं पा रही हैं कि मनमोहन ने पति व बच्चों का अपहरण क्यों किया? उनके पति के साथ मनमोहन व उसके पिता ने हमेशा विश्वासघात किया, लेकिन वह शांत रहे। बस अपने परिवार की दोनों महिलाओं से रिश्ता नहीं रखने का फैसला जरूर ले लिया था।