अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे धीरज जैन के पिता धनपाल जैन ने शनिवार को राज्यसभा सांसद नवीन जैन से उनके आवास पर मुलाकात की। बेटे और उनके परिवार की सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कंपनी की ओर से षड्यंत्र कर बेटे को निर्दोष होने के बावजूद लूट में फंसाने की बात कही। यह भी कहा कि बेटे का वेतन रोक कर परेशान किया जा रहा था।
दयालबाग खासपुर के धीरज जैन, पत्नी सुप्रिया और डेढ़ साल की बेटी राघवी जैन कैमरून में फंसे हुए हैं। पिता धनपाल जैन ने बताया कि बेटे के एग्रीमेंट में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि किसी भी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया होती है, तो वह भारत में ही होगी। इसके बावजूद कंपनी अनुचित दबाव बना रही है। वहीं धीरज की मां गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी से ग्रसित हैं। उनका बेटी के पास मुंबई में उपचार चल रहा है।
उन्होंने सांसद से कहा कि बेटे, बहू और नातिन के विदेश में फंसे होने से परिवार बुरी तरह टूट चुका है। वह खुद मानसिक पीड़ा में हैं। अपनी वाहन चालक की प्राइवेट नौकरी भी सही से नहीं कर पा रहे हैं।
भारतीय उच्चायोग से हो रही पहल
पिता के मुताबिक, सांसद नवीन जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और कैमरून स्थित भारतीय उच्चायुक्त को भेजे गए पत्रों पर शीघ्र संज्ञान लिया गया है। कैमरून स्थित भारतीय उच्चायोग के उच्चायुक्त विनय खंडूजा ने जवाबी पत्र में जानकारी दी है कि वो लगातार धीरज जैन, उनके परिजन, नियोक्ता कंपनी और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क बनाए हुए हैं।
जल्द ही समाधान निकाल लिया जाएगा। सांसद ने कहा है कि आपका दुख हमारा दुख है। उनके प्रयास एक पल के लिए भी नहीं रुकेंगे। प्रशासनिक स्तर की सभी औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं। जैन परिवार अकेला नहीं है। उनके साथ पूरा सरकारी तंत्र खड़ा है।
