अजय ने रुपये देने से मना कर दिया तो उसने छत पर रखा पत्थर उठाया और उसके सिर पर कई वार किए। इसके बाद अजय को घसीटते हुए सीढि़यों से नीचे तक ले आया। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी आ गए लेकिन अजय को बचाने की हिम्मत नहीं कर सके। भीड़ जुटने पर आरोपी पवन घर से भाग गया। पड़ोसियों ने अजय को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
वहीं, सूचना पर परिजन भी आ गए। सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे इलाज के दौरान अजय की मौत हो गई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि शराब के लिए रुपये नहीं देने पर आरोपी ने नशे में अपने छोटे भाई को मार डाला। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया गया।
मंदिर की मूर्तियां भी कर दी थीं क्षतिग्रस्त
परिजन ने बताया कि पवन अजय से खुन्नस मानता था। एक साल पहले अजय ने पवन की पिटाई की थी। तब भी नशा करने पर ही विवाद हुआ था। वहीं पवन ने मोहल्ले में बने एक मंदिर की मूर्तियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। क्षेत्र के लोगों ने पुलिस को बुलाया था लेकिन शांतिभंग में ही कार्रवाई हुई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी पवन नशे का आदी होने के साथ ही सनकी भी है। वह आए दिन मोहल्ले के लोगों से झगड़ता था।
भाई की हत्या कर मोहल्ले में ही घूमता रहा
पुलिस ने सोमवार दोपहर को आरोपी पवन को मोहल्ले के लोगों की मदद से पकड़ा। घटना के बाद वह भाग गया था मगर मोहल्ले में ही घूमता रहा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद कर लिया। उधर, बेटे की माैत से मां अंजलि के आंसू नहीं रुक रहे हैं।




