आगरा के देहात क्षेत्रों में शुक्रवार रात आसमान से आफत बरसी। फतेहपुर सीकरी, कागारौल, फतेहाबाद, अकोला, बिचपुरी, खेरागढ़, इरादतनगर और किरावली में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ। मौसम की बेरुखी से किसान खासे चिंतित नजर आए। किसानों ने प्रशासनिक अमले से मुआवजे के लिए संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं, किसान नेताओं व स्थानीय राजनेताओं ने भी किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाना शुरू कर दिया है।
फतेहाबाद में तेज आंधी के बाद बारिश और ओले भी गिरे। इस दौरान खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं किरावली के गांवों में आंधी, बारिश और ओले गिरने से गेहूं फसल में नुकसान हुआ है। गांव बैमन, बसेरीचाहर, रोझौली, मसेलिया, जैंगारा में ओले गिरने से फसलों में भारी नुकसान हुआ है। किसान नेताओं और ग्रामीणों सौदान सिंह, प्रेम सिंह, ओमप्रकाश, हरेंद्र, विशंभर प्रधान आदि ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि लागत निकालना तो दूर, अब घर चलाने का संकट सामने खड़ा है।
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मकान की छत गिरी।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जौ की फसल भी हुई तबाह
शुक्रवार रात आंधी के बाद बारिश और ओलावृष्टि से अकोला, रामनगर, गहर्रा खुर्द, गहर्रा कलां, अखवाई, मुरकिया, उजरई, नगला परमाल, नगला जयराम, बेरी चाहर आदि दर्जनों गावों में गेहूं और जौ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। किसानों के नुकसान को देखते हुए समाजसेवी अरविंद चाहर, भाजपा नेता अशोक लवानियां, अरुण कांत लवानियां, शैलेंद्र सिंह उर्फ शैली, सत्यभान सिंह आदि किसानों ने सरकार से किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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फसल हुई बर्बाद
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इधर, मलपुरा के गांव जारूआ कटरा, भांडई, सिरौली, कुठाबली, इटौरा, बाद आदि गांव में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से किसानों की गेहूं की फसल में नुकसान होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। जारूआ कटरा के किसान उमेश दुबे ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से जामुन और फालसा की खेती में नुकसान हुआ है।
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ओलावृष्टि
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सब्जियाें की फसलें भी बर्बाद
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया तेज हवा से गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार दोनों घटेगी। भिंडी, लौकी, तोरई, मक्का, कद्दू, खीरा और टमाटर की फसलें ओलावृष्टि से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। फसल खराब होने से भूसे का उत्पादन कम होगा, जिससे पशुपालकों के सामने चारे का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
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ओलावृष्टि
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जामुन और फालसा की खेती को नुकसान
फतेहपुर सीकरी। क्षेत्र के दुलारा, हंसपुरा, मंगोली, दूरा, सरसा, अरहेरा, जाजऊ और टीकरी गांवों में गेहूं की तैयार फसल पूरी तरह बिछ गई। अकोला, रामनगर, गहर्रा खुर्द, गहर्रा कलां, अखवाई, मुरकिया, उजरई, नगला परमाल, नगला जयराम, बेरी चाहर आदि दर्जनों गावों में गेहूं और जौ की फसलों में भारी नुकसान हुआ है। जारूआ कटरा, भांडई, सिरौली, कुठाबली, इटौरा, बाद आदि गांव में गेहूं, जामुन और फालसा की खेती में नुकसान हुआ है।