आगरा के सदर थाना क्षेत्र के नेहरू एन्क्लेव में रहने वाले कारोबारी महेंद्र पाल वर्मा के घर में घुसकर लूट की कोशिश करने के दो आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया। बदमाशों के हमले में उनकी पुत्रवधू पूनम घायल हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वारदात के बाद से पूरा परिवार दहशत में है, इससे घर के बाहर दो पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। महेंद्र पाल वर्मा गाजीपुर जिले में एसपी आईपीएस ईरज राजा के मामा हैं।
नेहरू एन्क्लेव के निवासी महेंद्र पाल वर्मा का 100 फुटा रोड पर साड़ी शोरूम है। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। सभी हार्डवेयर का कारोबार करते हैं। शुक्रवार की रात 8:30 बजे घर पर उनकी बेटी मुस्कान, बेटे रजत की पत्नी पूनम और 4 वर्षीय पौत्र मौजूद थे। तभी चार बदमाश घर में घुस आए। लॉबी में पूनम को पकड़ लिया। उनके मुंह और हाथ पैकिंग टेप से बांधने के बाद अंदर घसीटते हुए ले गए। मासूम पौत्र के मुंह पर भी टेप लगा दिया था।
शोर मचाने पर नकली पिस्तौल से पूनम के सिर पर प्रहार कर उन्हें घायल किया। रसोई में काम कर रही बेटी मुस्कान ने चुपके से बाहर आकर शोर मचाया जिससे दो बदमाश पकड़ लिए गए। दो भागने में सफल रहे। कारोबारी महेंद्र पाल के एसीपी गिरीश कुमार भांजी-दामाद हैं। इस समय आगरा में ही तैनात हैं। इसके बावजूद घर में पूरा परिवार दहशत में है। पूनम के सिर में 10 टांके लगे हैं। घटना को याद कर वह बार-बार सहम जाती हैं।
लूट के एक आरोपी की तीन गर्लफ्रेंड
कारोबारी के घर में लूट की कोशिश करने में पकड़ा गया आरोपी नई आबादी, बालूगंज निवासी विशाल पहले भी जेल जा चुका है। हाल ही में उसे थाना रकाबगंज पुलिस ने तमंचे के साथ पकड़ा था। आठ महीने पहले जमानत पर बाहर आया था। वह पहले कोसी में काम करता था। मगर ज्यादा कमाई नहीं होती थी। इस कारण खर्च नहीं उठा पा रहा था। उसकी तीन गर्लफ्रेंड हैं। वह जो भी रुपये कमाता है, उसे अपने और गर्लफ्रेंड के खर्च उठाने में खर्च कर देता है। उसे अब रुपयों की बहुत जरूरत थी। इसलिए अमन के साथ लूट की योजना बनाई। उसे 5000 रुपये का लालच दिया था। कहा था कि वह बस घटना में उसका सहयोग करे।
लगवाए जाएंगे सीसीटीवी फुटेज
नेहरू एन्क्लेव पॉश इलाके में आता है। इसके बावजूद पुलिस की गश्त नहीं रहती है। लोगों का कहना है कि बदमाश बड़ी आसानी से घर के अंदर घुस गए। अगर मुस्कान साहस नहीं दिखाती तो बदमाश बड़ी वारदात को अंजाम दे देते। डीसीपी सिटी अली अब्बास का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। विशाल के जमानतदारों की जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोलेंगे। वहीं क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जाएगी। वारदात में दो ही बदमाशों की बात अब तक सामने आई है।
साहसी मुस्कान भी अब डर रहीं
परिवार के लोग एक ही बात बोल रहे हैं कि बेटी मुस्कान के साहस ने बड़ी वारदात बचा ली। हालांकि घटना के बाद अब मुस्कान भी डर रही हैं। वह अभी पढ़ाई कर रही हैं। मुस्कान ने बताया कि बदमाश भाभी को पीट रहे थे। बदमाशों की पीठ उसकी तरफ थी, इस वजह से वह हिम्मत दिखाकर बाहर निकल गई। उसका मोबाइल छूट गया था, वह हिम्मत कर दुबारा भीतर आई और मोबाइल लेकर बाहर पहुंची और शोर मचा दिया।
