सड़क हादसों में बढ़ रहे मौत के ग्राफ को रोकने और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम के लिए बुधवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। आंकड़े चौंकाने वाले रहे, वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में सड़क हादसों और मृतकों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। करीब 44 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां लोगों की जान दांव पर लगी है।
जिलाधिकारी को बताया गया कि पुलिस और परिवहन विभाग ने मिलकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस विभाग ने बिना हेलमेट के 7,54,150 और बिना सीटबेल्ट के 1,12,920 चालान किए। परिवहन विभाग ने भी ओवर स्पीडिंग, मोबाइल प्रयोग और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में 136 लाइसेंस निरस्त किए हैं, जबकि 371 अन्य लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया में हैं।
रोड सेफ्टी ऑडिट 41 जगह पूरा
जिलाधिकारी ने जनपद में चिन्हित 44 ब्लैक स्पॉट की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन 41 स्थानों पर रोड सेफ्टी ऑडिट पूरा हो चुका है, वहां तत्काल सुधार कार्य किए जाएं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में 1223 दुर्घटनाओं में 586 मौतें हुई थीं, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 1456 दुर्घटनाओं और 748 मौतों तक पहुंच गई हैं।
युवा बनेंगे सड़क सुरक्षा मित्र
जिलाधिकारी ने युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने जनपद में संचालित 29 रोड सेफ्टी क्लबों को सक्रिय करने और छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा मित्र बनाने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में केवल शपथ तक सीमित न रहकर, ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से जागरूकता को धरातल पर उतारा जाए।
