यूपी एसटीएफ और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने रायपुर सेंट्रल जेल से फरार सिद्ध दोष बंदी चंद्रवीर उर्फ पिंटू को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। वह अलीगढ़ के थाना गोरई स्थित साकिन पट्टी चुहरा का रहने वाला है।

एनडीपीएस एक्ट के मामले में वर्ष 2022 में उसे 15 साल की सजा हुई थी। जून 2025 में रायपुर की जेल से काम के लिए बाहर लाते समय फरार हो गया था। उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ के मुताबिक, चंद्रवीर उर्फ पिंटू को वर्ष 2021 में नारकोटिक्स सेल ने तीन साथियों के साथ आठ क्विंटल गांजे के साथ गरियाबंद, छत्तीसगढ़ में गिरफ्तार किया था। वह छत्तीसगढ़ से यूपी में गांजे की तस्करी करने ले जा रहा था। वर्ष 2022 में उसे सजा सुनाई गई थी। उसे रायपुर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। 21 अगस्त 2025 को उसे अन्य बंदियों के साथ जेल से बाहर लाया गया था।

जेल मुख्यालय में मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी बीच वह बंदीरक्षकों को गच्चा देकर भाग निकला था। इस मामले में थाना गंज में प्राथमिकी दर्ज की गई। फरारी के बाद बंदी आगरा और मथुरा में छिपा हुआ था। वह पुलिस से बचने के लिए अपने परिचित के आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस का प्रयोग कर रहा था।

मथुरा के गोवर्धन इलाके में आरओ रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस ने फरार बंदी की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ से मदद ली थी। एसटीएफ आगरा की टीम लगी। सोमवार दोपहर को वह कोतवाली के पीपल मंडी इलाके में काम से आया था। तभी टीम पहुंच गई। उसकी गिरफ्तारी कर ली। विवेचक एसआई काशीनाथ मडावली उसे कोतवाली थाना में जीडी में दर्ज करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गए।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *