सिविल डिफेंस की ओर शुक्रवार शाम रिजर्व पुलिस लाइन में हुई मॉक ड्रिल के दौरान मैदान पर बम के धमाके सुने गए। इन धमाकों और आग की घटनाओं के बीच सुरक्षा जवानों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में पीड़ितों को बचाने का उदाहरण पेश किया। इस दौरान सीएम योगी ने भी सुरक्षा जवानों की हौसला अफजाई की।
मॉक ड्रिल का उद्घाटन होमगार्डस एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मवीर प्रजापति ने किया। पहले चरण में कंट्रोल रूम से रेड अलर्ट की खबर मिलते ही सायरन बजा और ब्लैकआउट की स्थिति बनाई गई। फाइटर जेट की बमबारी और धमाकों की आवाज से आपातकालीन स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया। सायरन बजते ही नागरिकों ने बंकर एवं खुले मैदान में निर्धारित सुरक्षा उपाय अपनाते हुए स्वयं को सुरक्षित किया।
इस दौरान पेट्रोल, लकड़ी और गैस सिलेंडर से उत्पन्न आग की घटनाओं का भी प्रदर्शन किया गया। रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर में आग, चलती कार में विस्फोट और मैदान में घायल नागरिकों की स्थिति दर्शाई गई। एडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस ने भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान वार्डनों की ओर से विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने की विधियों का प्रदर्शन किया गया। पेट्रोल की आग को कंबल से, लकड़ी की आग को फायर एक्सटिंग्विशर से और सिलेंडर में लगी आग को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर बुझाया गया।
कार दुर्घटना में बेहोश कैजुअल्टी को शीशा तोड़कर बाहर निकालकर सीपीआर देकर जीवन रक्षा का अभ्यास कराया गया। चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने विशेष प्रदर्शन के तहत पैराशुट पहनकर आग में कूदकर एक कैजुअलटी को सुरक्षित करने का उदाहरण पेश किया।
चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्र ने बताया कि मॉक ड्रिल का मकसद आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों, स्वयंसेवकों और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया को मजबूत करना था। डीजी सिविल डिफेंस डीके ठाकुर, डीएम व कंट्रोलर सिविल डिफेंस विशाख जी, पुलिस आयुक्त पी अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम स्वयंसेवक मौजूद रहे।
