डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इससे छात्र आधुनिक तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के सभी संकायों के पाठ्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जोड़ते हुए उन्हें रोजगार, शोध और नवाचार के लिए सक्षम बनाना है।
इस नई व्यवस्था के तहत कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, प्रबंधन सहित सभी विषयों में एआई के उपयोग, डिजिटल टूल्स, डेटा आधारित सोच और तकनीक को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इससे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ तकनीकी स्तर भी छात्रों को विकसित किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की ओर से ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) एवं ऑनलाइन लर्निंग को भी विस्तार दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय के पूर्व से संचालित 6 पाठ्यक्रमों को आगामी सत्र से ऑनलाइन माध्यम से प्रारंभ किया जाएगा। इनमें एमबीए, बीबीए, बीसीए, एमकॉम, बीकॉम और एमए इंग्लिश शामिल हैं।
यह सुविधा जीरो इन्वेस्टमेंट मॉडल पर आधारित होगी, जिससे दूर क्षेत्रों एवं कार्यरत विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाठ्य सामग्री और मार्गदर्शन दिया जाएगा। खास बात ये है कि ये सुविधा उन्हीं विश्वविद्यालयों को स्वीकृत हुई है, जिनका ग्रेड नैक ए प्लस(3.36 से अधिक स्कोर) है।
वीआईएफ से मिलेगी स्टार्टअप को मजबूती
विश्वविद्यालय में संचालित विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन (वीआईएफ) के माध्यम से विद्यार्थियों में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। फाउंडेशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कुलपति प्रो. आशु रानी, कुलसचिव, वित्त अधिकारी के साथ प्रो. संजय चौधरी एवं प्रो. शरद चंद उपाध्याय शामिल हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 15 छात्र अपने स्टार्टअप प्रारंभ कर चुके हैं। फाउंडेशन के माध्यम से छात्रों को निशुल्क मेंटरशिप, स्टार्टअप मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। विद्यार्थी फाउंडेशन की वेबसाइट vifagra.in के माध्यम भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
