सिलेबस के नाम पर किताबें बदलने का अधिकार स्कूलों के पास नहीं है, अगर कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा किसी भी बोर्ड की ओर से किसी भी विक्रेता को अधिकृत नहीं किया गया है। ऐसे में स्कूल अभिभावकों को किसी एक दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

बुक स्टोर पर अभिभावकों ने किया था प्रदर्शन।
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